
उदयपुर बना नया पासपोर्ट हब, पत्रिका फाइल फोटो
Rajasthan Passport: प्रदेश में पासपोर्ट सिर्फ विदेश यात्रा के लिए बनवाया जाने वाला दस्तावेज नहीं रहा। यह बदलते समाज, बढ़ती आकांक्षाओं और दुनिया से जुड़ते राजस्थान की नई पहचान बनता जा रहा है। राज्य में 2017 से 2025 तक पासपोर्ट के लिए 33.61 लाख आवेदन दर्ज हुए। इस वर्ष अप्रेल तक प्रदेश में 1.78 लाख आवेदन आए।
जयपुर, जोधपुर, अजमेर और कोटा शहर के साथ अब उदयपुर संभाग दक्षिण राजस्थान का नया पासपोर्ट बेल्ट बनकर उभरा है, जहां विदेश में रोजगार, पढ़ाई, टूरिज्म, छोटे कारोबार, प्रवासी रिश्तों और दस्तावेजीकरण की बढ़ती जरूरत ने पासपोर्ट की मांग को लगातार ऊपर धकेला है।
बदलाव की सबसे दिलचस्प तस्वीर उदयपुर संभाग में दिखती है। उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और प्रतापगढ़ जिलों से 2017 से 24 नवंबर 2025 तक 3.95 लाख पासपोर्ट आवेदन आए। इनमें अकेले उदयपुर जिले की हिस्सेदारी 1.62 लाख रही। राजस्थान के कुल पासपोर्ट आवेदनों में उदयपुर संभाग की हिस्सेदारी 11 प्रतिशत है।
| वर्ष | आवेदन (लाख में) |
|---|---|
| 2017 | 3.76 लाख |
| 2018 | 3.98 लाख |
| 2019 | 3.63 लाख |
| 2020 | 1.58 लाख |
| 2021 | 2.38 लाख |
| 2022 | 3.93 लाख |
| 2023 | 4.82 लाख |
| 2024 | 4.96 लाख |
| 2025 | 4.57 लाख |
1.विदेश शिक्षा का बढ़ता रुझान
कोटा, उदयपुर, जयपुर, अजमेर और जोधपुर जैसे शहरों से बड़ी संख्या में छात्र अब कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, यूरोप और खाड़ी देशों के शैक्षणिक संस्थानों की ओर देख रहे हैं। मेडिकल, नर्सिंग, होटल मैनेजमेंट, आईटी, बिजनेस और स्किल-आधारित कोर्सों के लिए विदेश जाने की तैयारी में पासपोर्ट पहला कदम है।
2.खाड़ी देशों और अन्य बाजारों में रोजगार
दक्षिण राजस्थान और पूर्वी राजस्थान के कई जिलों से श्रमिक, तकनीकी कामगार, ड्राइवर, मशीन ऑपरेटर, होटल-रेस्टोरेंट स्टाफ और छोटे पेशेवर अब खाड़ी देशों, मलेशिया और दूसरे रोजगार बाजारों की ओर बढ़ रहे हैं। परिवारों में पहले से मौजूद प्रवासी नेटवर्क भी इस मांग को बढ़ा रहे हैं।
3.पर्यटन और छोटे कारोबार का विस्तार
उदयपुर, जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, अजमेर जैसे पर्यटन और व्यापारिक शहरों में ट्रैवल, होटल, हैंडीक्राफ्ट, मार्बल, टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वैलरी और छोटे निर्यात कारोबार से जुड़े लोग भी पासपोर्ट बनवा रहे हैं। विदेश यात्राएं अब बड़े उद्योगपतियों तक सीमित नहीं, बल्कि छोटे व्यापारियों के लिए भी व्यावसायिक जरूरत हैं।
4.दस्तावेजीकरण और ग्लोबल फैमिली नेटवर्क
प्रवासी रिश्तेदारों, स्टूडेंट वीजा, नौकरी, कॉन्फ्रेंस, धार्मिक यात्राओं और टूर पैकेजों के कारण भी पासपोर्ट की जरूरत बढ़ी है। कई परिवार अब बच्चों का पासपोर्ट पहले से बनवाने लगे हैं ताकि भविष्य के विकल्प खुले रहे।
| जिला | आवेदन |
|---|---|
| जयपुर | 6,25,542 |
| उदयपुर | 1,74,638 |
| जोधपुर | 1,70,107 |
| अजमेर | 1,54,562 |
| कोटा | 94,691 |
| जिला | कुल पासपोर्ट आवेदन |
|---|---|
| उदयपुर | 1.62 लाख |
| बांसवाड़ा | 57 हजार |
| डूंगरपुर | 47 हजार |
| चित्तौड़गढ़ | 56 हजार |
| राजसमंद | 34 हजार |
| प्रतापगढ़ | 21 हजार |
Updated on:
26 Jun 2026, 11:02 AM IST
Published on:
26 Jun 2026, 11:02 AM IST
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