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Udaipur: ‘काकू, तुम शराब क्यों पीते हो’? भतीजी के मासूम सवाल ने बदली जिंदगी, नशा छोड़ने के लिए युवाओं की बने उम्मीद

Addiction Recovery Story: सरकार के 'नशा मुक्त भारत अभियान' के बीच उदयपुर शहर के युवा नरपतसिंह चौहान बड़ा मिशन लेकर चल रहे हैं। खुद नशे की काली दुनिया से बाहर निकले नरपतसिंह अब युवा पीढ़ी को नशे के दलदल से बचाने में जुटे हैं।
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उदयपुर

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Anand Prakash Yadav

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Updated: 26 Jun 2026, 10:12 AM IST

Udaipur Success Story

नशा छोड़ने के लिए नरपत सिंह बने युवाओं की उम्मीद, पत्रिका फोटो

Addiction Recovery Story: सरकार के 'नशा मुक्त भारत अभियान' के बीच उदयपुर शहर के युवा नरपतसिंह चौहान बड़ा मिशन लेकर चल रहे हैं। खुद नशे की काली दुनिया से बाहर निकले नरपतसिंह अब युवा पीढ़ी को नशे के दलदल से बचाने में जुटे हैं। उनकी ओर से संचालित 'आरोग्य सेवा संस्थान' आज न केवल नशा पीड़ितों के उपचार का केंद्र है, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का माध्यम बन चुका है।

नरपत के अनुसार शुरुआत में उन्हें लगता था कि वे कभी-कभार शराब पीते हैं, लेकिन यह आदत कब लाइलाज बीमारी में बदल गई, उन्हें पता ही नहीं चला। तीन माह की उम्र में पिता का साया खो चुके नरपत को मां ने बड़ी मुश्किल से पाला था। लेकिन उनकी लत ने सब तबाह कर दिया। सामाजिक तिरस्कार और शारीरिक रूप से टूट चुके नरपत के लिए वह दौर मौत के समान था।

भतीजी के मासूम सवाल ने बदली जिंदगी

नशा मुक्ति केंद्र में इलाज के दौरान जब उनका शरीर जॉइंटिस और लिवर फेलियर के कारण कांप रहा था, तभी उनकी छोटी भतीजी ने सवाल पूछा- 'काकू, तुम शराब क्यों पीते हो?' इस एक सवाल ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया और उन्होंने फिर से वही इंसान बनने का संकल्प लिया, जो परिवार का लाडला था।

दो मोर्चों पर कर रहे काम

आज नरपत 'आरोग्य सेवा संस्थान' के जरिये दो मोर्चों पर काम कर रहे हैं- इलाज व काउंसलिंग के माध्यम से 1500 से अधिक लोगों को नशे से आजाद कराना, तथा उदयपुर व आसपास के जिलों के विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों और गली-मोहल्लों में युवाओं को नशे के घातक परिणामों के प्रति जागरूक करना। उनका यह अभियान भारत सरकार के 'नशा मुक्त भारत अभियान' को भी मजबूती दे रहा है।

उनका मानना है कि युवाओं को नशे के झूठे 'हाई' के पीछे भागने के बजाय मेहनत और संघर्ष से सफलता हासिल करनी चाहिए। समाज के नाम संदेश में वे कहते हैं कि नशा एक बीमारी है और नशे का आदी व्यक्ति अपराधी नहीं बल्कि रोगी है, जिसे समाज से नफरत नहीं बल्कि मदद की जरूरत है।

मानस पोर्टल और टोल फ्री नंबर 1933 को लेकर जानकारी ही नहीं

नशे के खिलाफ आमजन को जागरूक करने और अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए केंद्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने दो साल पहले मानस पोर्टल और टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1933 जारी की थी। लेकिन प्रचार के अभाव में लोगों को अपेक्षाकृत कम ही जानकारी है। ऐसे में जिला प्रशासन और जिला पुलिस अधीक्षक उदयपुर ने जिले के सभी थानाधिकारियों को पोर्टल व हेल्पलाइन के प्रचार के निर्देश दिए हैं।