उदयपुर में भाजपा नेत्री से जुड़े वीडियो, ब्लैकमेलिंग और बलात्कार के केस से शुरू हुआ सियासी भूचाल थमता नहीं दिख रहा है। मामले ने न केवल उदयपुर, बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी असर डाला है।
उदयपुर। भाजपा नेत्री से जुड़े वीडियो, ब्लैकमेलिंग और बलात्कार के केस से शुरू हुआ सियासी भूचाल थमता नहीं दिख रहा है। स्थानीय स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक भाजपा की बैठकों में यह मुद्दा लगातार उठ रहा है। शनिवार को हुई एक प्रदेश स्तरीय बैठक में भी प्रकरण पर चर्चा हुई और बैठक की रिपोर्ट मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सौंपी गई है। मामले ने न केवल उदयपुर, बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी असर डाला है। अब निगाहें संगठन पर टिकी हैं। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही मामले में पार्टी स्तर पर कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं।
गौरतलब है कि भाजपा नेत्री की ओर से भूपालपुरा थाने में 11 फरवरी को रिपोर्ट दी गई थी। उसी रात को पुलिस ने आरोपी वकील विशाल गुर्जर को दबोच लिया था। वीडियो, ब्लैकमेलिंग और बलात्कार के मामले में आरोपी की ओर से भाजपा नेता को ब्लैकमेल करके राजनीतिक हित साधना बताया गया था। पुलिस ने पहले मामले में जेल भेजा तो धोखाधड़ी के दूसरे मामले में गिरफ्तार किया, जिसके तहत आरोपी 4 दिन के रिमांड पर है। परिजनों ने जमानत की अर्जी लगाई थी, जो खारिज हो चुकी है। भाजपा पदाधिकारी अब भी मामले को ठंडा करने के प्रयास में है।
वीडियो कांड में गिरफ्तारी के बाद धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में गिरफ्तार आरोपी विशाल गुर्जर फिलहाल भूपालपुरा थाना पुलिस की गिरफ्त में है और रिमांड पर पूछताछ की जा रही है। शनिवार को एक भाजपा नेता ने आरोपी विशाल गुर्जर से मिलने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने नहीं मिलने दिया। पुलिस का मानना है कि बाहरी व्यक्ति के मिलने से जांच प्रभावित हो सकती है। पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
संदिग्ध परिस्थितियों में बने कथित वीडियो को लेकर पार्टी के भीतर गहमागहमी बनी हुई है। स्थानीय नेता आपस में वीडियो देखे जाने की बात कर रहे हैं। कुछ लोगों का दावा है कि संबंधित वीडियो पुलिस अधिकारियों के पास ही है, जबकि अन्य लोगों ने स्वयं वीडियो देखने की बात कही है। शहर के एक नेता जयपुर में हैं। कार्यकर्ता उनसे संपर्क में है। रविवार को उनके लौटने पर राजनीतिक हलचल और तेज होना संभव है।