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Rajasthan News : वीडियो…ब्लैकमेल… रेप, क्यों चर्चा में है ‘उदयपुर फाइल्स’ का BJP कनेक्शन?

उदयपुर के सियासी गलियारों में इन दिनों Udaipur Files के नाम से एक ऐसा मामला गूँज रहा है जिसने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सत्तारूढ़ पार्टी की अंदरूनी राजनीति को भी कटघरे में ला खड़ा किया है। दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और अश्लील वीडियो के जरिए डराने-धमकाने की यह कहानी अब शहर की चर्चाओं से निकलकर राजनीति का मुख्य केंद्र बन गई है।

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लेकसिटी उदयपुर में एक हाई-प्रोफाइल दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का मामला 'उदयपुर फाइल्स' के नाम से चर्चा में है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी, पीड़िता और इस विवाद के दायरे में आने वाले लगभग सभी प्रमुख किरदार भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े बताए जा रहे हैं। मामला तब और गंभीर हो गया जब एक ऑडियो क्लिप सामने आई, जिसमें पुलिस कार्रवाई के दौरान एक वरिष्ठ नेता को बार-बार कॉल किए जाने का दावा किया जा रहा है।

दोस्ती, वीडियो और फिर ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल

पुलिस में दर्ज रिपोर्ट और अब तक की जांच के अनुसार, यह मामला करीब डेढ़ से दो साल पुराना है।

  • संपर्क की शुरुआत: आरोपी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था और पार्टी (भाजपा) की गतिविधियों से जुड़ी पोस्ट लगातार अपलोड करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात पीड़िता से हुई।
  • धोखे से रिकॉर्डिंग: आरोप है कि आरोपी ने पहले पीड़िता से दोस्ती की और फिर धोखे से उसके कुछ 'निजी वीडियो' रिकॉर्ड कर लिए।
  • धमकी और शोषण: इन्हीं वीडियो के आधार पर आरोपी ने पीड़िता को ब्लैकमेल करना शुरू किया। पीड़िता का आरोप है कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया और पैसों की भी मांग की।

'वरिष्ठ नेता' को तीन बार कॉल !

इस मामले में एक ऑडियो क्लिप ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। दावा किया जा रहा है कि जब पुलिस आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी, तब पुलिस टीम की मौजूदगी में ही एक वरिष्ठ नेता को तीन बार कॉल किए गए।

  • हालांकि, वह कॉल रिसीव नहीं हुई, लेकिन इस कॉल की कोशिश ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
  • विपक्षी दल अब इसे "आरोपी को राजनीतिक संरक्षण" देने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

अदालत का कड़ा रुख: जमानत अर्जी खारिज

मामला तूल पकड़ते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को जब आरोपी को अदालत में पेश किया गया, तो वहां उसकी जमानत अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया गया।

  • गंभीर आरोप: अदालत ने माना कि ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म जैसे आरोप बेहद गंभीर प्रकृति के हैं।
  • पुलिस जांच: पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने इसी तरह किसी अन्य महिला को भी अपना शिकार बनाया है या वीडियो के जरिए किसी और को भी ब्लैकमेल किया जा रहा था।

उदयपुर की राजनीति में 'भूचाल'

चूंकि मामले के तार सीधे तौर पर सत्ता पक्ष के कार्यकर्ताओं और नेताओं से जुड़े दिख रहे हैं, इसलिए स्थानीय स्तर पर भाजपा बैकफुट पर नजर आ रही है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया है और इसे "बेटी बचाओ" के नारों के साथ जोड़कर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर 'उदयपुर फाइल्स' हैशटैग के साथ लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।