मादक पदार्थ तस्करी के आरोपी को न्यायालय ने सशर्त दी जमानत, जमानत मुचलके के साथ ही सिक्युरिटी के रूप में कोर्ट में जमा करवाए 5 लाख नकद, जेल से रिहा होते ही दूल्हे का रीति रिवाज से हुआ निकाह
मादक पदार्थ तस्करी के मामले में पकड़े गए आरोपी को न्यायालय ने शादी होने पर 20 दिन के लिए सशर्त अंतरिम जमानत पर रिहा किया। आरोपी दूल्हा जेल से रिहा होते ही तैयार होकर सीधा परिजनों के साथ वधू पक्ष के घर पहुंचा और वहां रीति रिवाज के साथ उसका निकाह हुआ। कोर्ट के आदेश से आरोपी दूल्हे को शादी समारोह से निपटने के बाद 21 दिन फिर जेल में हाजिरी देनी होगी। न्यायालय ने आरोपी को अधीनस्थ न्यायालय में सिक्युरिटी के रूप में 5 लाख रुपए नकद जमा करवाने तथा 2-2 लाख की दो जमानते व 4 लाख के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया।
प्रतापनगर थाना पुलिस ने गत 27 अक्टूबर को आईटीआई घाटी पर मजिस्ट्रेट कॉलोनी के बाहर स्कूटी सवार संजय उर्फ संजू गांछी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 11.11 ग्राम एमडीएमए बरामद की थी। पूछताछ में उसने यह मादक पदार्थ लोहार कॉलोनी आयड़ निवासी जाकिर पुत्र जफर बेग से लाना बताया। जांच के लिए मामला भूपालपुरा थाने में आने पर पुलिस ने आरोपी जाकिर को गिरफ्तार किया। न्यायालय ने उसकी ओर से पेश जमानत याचिका को खारिज कर उसे जेल भेज दिया।
न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे आरोपी जाकिर के अधिवक्ता ने एक सप्ताह पहले उसकी शादी का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत याचिका का प्रार्थना पत्र पेश किया था। बताया कि 6 जनवरी को जाकिर व उसके बड़े भाई निकाह है, इस कारण इसे जमानत का लाभ दिया जाए। एडीजे-1 न्यायालय के पीठासीन अधिकारी प्रवीण कुमार ने आरोपी की याचिका खारिज कर दी थी।
एडीजे कोर्ट ने जमानत याचिका पर कड़ी टिप्पणी की थी। न्यायालय ने निर्णय में लिखा था कि आरोपी व उसके साथी पर मादक पदार्थ उपलब्ध करवाने का आरोप है। मादक पदार्थ किसी भी व्यक्ति के द्वारा सेवन करने पर नशा सिर में चढ़ जाता है और उसके लगातार सेवन से व्यक्ति तनाव में रहता है और उसके जीवन में नकारात्मकता आती है। उदयपुर पर्यटन क्षेत्र है, जो विश्व में विख्यात है। यहां दिन प्रतिदिन मादक पदार्थ की खरीद फरोख्त का कारोबार बढ़ता जा रहा है, इस कारण तथ्यों व परिस्थितियों को देखते हुए जमानत का लाभ देना उचित नहीं है।