
उदयपुर . नयागांव. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा से जीवन स्तर में बदलाव हुआ है, शिक्षा के बगैर परिवार का उद्धार नहीं हो सकता। जनजाति प्रतिभाओं को तराशने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है और विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से जनजाति कला संस्कृति को प्रोत्साहन व कलाकारों को मंच मिल रहा है।
वे मंगलवार को उदयपुर जिले के पंचायत समिति नयागांव के ग्राम पंचायत सकलाल में आयोजित मंहगाई राहत शिविर को अवलोकन के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने घाेषण पत्र में जाे वायदे किए उनमें से अधिकांश पूरे किए है। शिक्षा के क्षेत्र में किए बदलाव का परिणाम सबके सामने दिख रहे है। गहलोत ने कहा कि सरकार ने गरीबों को उच्च कोटि के कोचिंग सेंटर में निःशुल्क शिक्षण की सुविधा मिले इसके लिए मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना शुरू की जिससे गरीब आदिवासी का बच्चा भी अच्छे कोचिंग में शिक्षा लेकर अच्छे पद पर नौकरी हासिल कर सके। गहलोत ने चुटकी लेते हुए कहा कि कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए खेरवाड़ा विधायक डॉ दयाराम परमार विकास कार्य मांगते-मांगते थक गए लेकिन मैं देते हुए नहीं थका। गहलोत ने कहा कि पढ़ाई के बगैर कुछ नही है इसलिए आपलोग अपने बच्चों की पढ़ाई की चिंता करे। समय के साथ अंग्रेजी शिक्षा भी जरूरी है। इसलिए हमारी सरकार ने अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले है।
पीसीसी चीफ गोविन्दसिंह डोटासरा ने कहा कि सरकार ने गरीब किसानों के ऋण माफ करने का काम किया, उन्होंने राज्य सरकार की कई योजनाओं को गिनाया। विधायक डॉ परमार ने कहा कि क्षेत्र में पानी की समस्या को देखते हुए सुकड़ी नदी पर बांध बनाने की योजना है इस मांग को मुख्यमंत्री पूरी करें। परमार ने गहलोत को तलवार भेंट की। इस अवसर पर नयागांव प्रधान कमला परमार ने स्वागत किया। इस दौरान उदयपुर कलक्टर ताराचंद मीणा, नयागांव उपखण्ड अधिकारी विजयेश पण्ड्या, विकास अधिकारी अजीत मीणा, खेरवाड़ा विकास अधिकारी शकर लाल मेघवाल, खेरवाड़ा प्रधान पुष्पा मीणा, केशरियाजी प्रधान केशर देवी, ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश मीणा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष रविभावा, डूंगरपुर जिला अध्यक्ष दिनेश खोड़निया, पंसस पन्ना लाल परमार, ओबीसी देहात जिला सचिव योगेश कलाल आदि उपस्थित रहे।