- गर्मी के दस्तक देते ही पेयजल के लिए परेशान है ग्रामीण
उदयपुर .बनोड़ा. सलूम्बर िजले के क्षेत्र में बीते मानसून में कम बारिश होने से नदी-नालों में पानी की आवक कम रही। जिसका नतीजा अब गर्मी के शुरुआती दिनों में ही दिखने लगा है। कस्बा सहित क्षेत्र के कई इलाकों में घरों में लगे बोरवेल सूखने लगे है तो कई में पानी कम वेग से आने लगा है। ऐसे में क्षेत्रवासियों को आसपास व दूरदराज के हैडपंप पर निर्भर होना पड़ रहा है। साथ ही क्षेत्र के कई हेडपंप भी सुख रहे है तो कई खराब पड़े है। इधर, क्षेत्र में सालभर जलस्तर को बनाए रखने वाली सबसे बड़ी सरणी नदी भी सूखी पड़ी हुई है। बीते मानसून में बारिश कम होने से क्षेत्र में कुओं, तालाबों में पानी की आवक कम रही। वही 19 फीट भराव क्षमता वाला बनोड़ा भी नहीं छलका। जिससे किसानों को निराशा मिली। निकटवर्ती अम्बामाता बांध में भी पानी का स्तर कम है। इसके अलावा मानसून के बीते 6 महीने हुए है। इस बीच उन बांधो व तालाबों में पानी की मात्रा कम हो गई है। इलाके के कई कुओं में जल स्तर कम है। जबकि अभी मानसून आने में देरी है। ऐसे में ग्रामीणों को कुओं का जल स्तर कम होते हुए भी कुओं की सीढ़ियों से नीचे उतर कर पेयजल के लिए पानी लाना पड़ता है। इससे क्षेत्रवासी चिन्तित है।
इनका कहना है -
- मालपुर स्थित अम्बामाता बांध का जलस्तर काफी कम है तथा क्षेत्र में बने कुएं भी सूख चुके है।
नरेन्द्र मीणा
समाजसेवी मालपुर
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गर्मी की प्रचंडता अधिकतम पारा 41 डिग्री के पार पहुंचा।
धरियावद 28 मार्च क्षेत्र के आसमान से आग बरसाती प्रचंड गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया। गर्मी की प्रचंडता के चलते गुरुवार को मौसम का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया जहा पारा 41 को पार कर गया जो मार्च में बीते 2 साल का रिकॉर्ड रहा। गर्म हवाओं के चलते मार्च के अंतिम सप्ताह में पड़ रही गर्मी ने आमजन को मई जून की गर्मी का अहसास करवा दिया। नगर में दिनभर गर्म धूल भरी हवाओं ने आमजन से लेकर राहगीरों वाहन चालकों सहित व्यापारियों को परेशान किए रखा, गर्मी की प्रचंडता के चलते दोपहर को प्रमुख बाजारों सड़को पर आवाजाही कम दिखाई दी। आलोक रितु वेधशाला अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 41.1 एवम न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री दर्ज किया गया अधिकतम पारे ने बीते2 साल के रिकॉर्ड को तोड़ा ।