उदयपुर

इंसानियत हुई तार-तार: भीण्डर के इस गांव में मिला सात माह का कन्या भ्रूण,  खंगाली जा रही डिलीवरी वाली महिलाओं की सूची, देखें वीडियो

भीण्डर. उदयपुर जिले के सबसे बड़े कस्बे भीण्डर से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित धारता गांव में शुक्रवार सुबह कचरे के ढेर में कन्या भ्रूण मिला।

2 min read
Nov 03, 2017

भीण्डर. उदयपुर जिले के सबसे बड़े कस्बे भीण्डर से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित धारता गांव में शुक्रवार सुबह कचरे के ढेर में कन्या भ्रूण मिला। इसकी सूचना मिलने पर सरपंच लालूराम मीणा व पंचायत प्रसारक कैलाश मेघवाल मौके पर पहुंच करके पुलिस व प्रशासन को जानकारी दी। भीण्डर पुलिस थानाधिकारी हिमांशुसिंह राजावत मय जाप्ता घटना स्थल पर पहुंच करके तस्दीक करते हुए भ्रूण को अपने कब्जे में लिया। वहां पर उपस्थित ग्रामीणों से प्रारम्भिक पुछताछ से जानकारी जुटाई और भ्रूण को लेकर भीण्डर चिकित्सालय पहुंचे।

यहां पर चिकित्सकों ने भ्रूण की जांच करके कन्या भ्रूण होने की पुष्टि की। जानकारी के अनुसार धारता गांव के बीच में एक खाली पड़ी जमीन पर ग्रामीण खुले में शौच के लिए इस्तेमाल करते है। यहां पर एक रोड़ी(गोबर व कचरे का ढेर) भी बना रखी है। सुबह एक महिला शौच के लिए यहां पहुंची तो उसने देखा कि रोड़ी के किनारे भ्रूण पड़ा हुआ है। उसने तुरन्त घर जाकर परिजनों यह बात बताई तो महिला के पति ने सरपंच लालूराम मीणा को फोन करके इसके बारे में बताया। इस पर सरपंच लालूराम तुरन्त मौके पर पहुंच करके देखा तो परिपक्क भ्रूण था।

इस पर लालूराम ने पंचायत प्रसार अधिकारी कैलाश मेघवाल को सूचना देकर बुलाया। उन्होंने पुलिस व प्रशासन को सूचना देकर बुलाया। पुलिस ने शुरु की जांच थानाधिकारी हिमांशु सिंह राजावत ने भीण्डर चिकित्सालय में पहुंच करके भू्रण को चिकित्सक से जांच करके कन्या भ्रूण होने की पुष्टि की। इसके बाद भ्रूण को मोर्चरी में रखवाया, जिसकी मेडिकल टीम द्वारा पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पुलिस ने धारता सरपंच लालूराम मीणा की रिपोर्ट पर मामला दर्ज करते हुए जांच शुरु की। जिसमें चिकित्सालय टीम से धारता व आसपास गांव में डिलीवरी वाली महिलाओं की सूची से भी जांच करने की कोशिश की जा रही है।

ये भी पढ़ें

उदयपुर: चहक हादसे से भी नहीं लिया सबक, अभी तक जारी मनमानी, नियमों की अनदेखी अभी भी जारी
Published on:
03 Nov 2017 01:08 pm
Also Read
View All