उदयपुर

सरकारी डॉक्टरों ने प्राइवेट ड्यूटी बजाई तो खैर नहीं

- होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
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Nov 11, 2020
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भुवनेश पंड्या
उदयपुर. यदि कोई भी सरकारी चिकित्सक प्राइवेट नर्सिंग होम, निजी क्लीनिक में जाकर मरीजों को देखेगा, उपचार करेगा या ऑपरेशन करेगा तो ऐसे चिकित्सकों पर सरकार की गाज गिरेगी। चिकित्सकों की इस प्रवृत्ति को सरकार ने गंभीरता से लिया है। इसे लेकर सरकार ने पहले भी आदेश जारी किए थे, लेकिन कई चिकित्सक इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ऐसे में सरकार अब एक्शन मोड में आ चुकी है।

यह भी निर्देश
- सरकारी डॉक्टर अब किसी भी प्रावइेट क्लीनिक या नर्सिंग होम, अस्पताल, पैथोलॉजिकल लेबोरेट्री, डायग्नोस्टिक सेंटर पर जाकर नहीं देख सकेंगे। ना ही कोई टेस्ट करेंगे और ना ही किसी प्रकार का कोई ऑपरेशन करेंगे। यदि इस प्रकार की कोई भी सूचना किसी चिकित्सक के संबंध में सरकार या निदेशालय को प्राप्त होती है, तो उस चिकित्सक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

- जो चिकित्सक नॉन प्रेक्टसिंग अलाउंस नहीं ले रहे हैं, वे अपने आवास पर यदि मरीजों को देखते हैं तो अपना निर्धारित परामर्श शुल्क ही लेंगे। साथ ही शुल्क की सूचना व दर का प्रदर्शन परामर्श कक्ष में करना होगा।
- सभी सीएमएचओ, पीएमओ को अपने अधीन कार्यरत सभी चिकित्सकों से इस परिपत्र को नोट करवाकर इसकी सूचना निदेशालय को देनी होगी। यदि उनके पास कोई शिकायत है तो उस पर की गई कार्रवाई से भी अवगत करवाना होगा।

- यदि किसी प्रभारी, पीएमओ, सीएमएचओ को यदि किसी चिकित्सक के इस तरह के कार्य की जानकारी मिलती है तो तत्काल इसकी जानकारी उन्हें निदेशालय को देनी होगी। इसे लेकर जन स्वास्थ्य निदेशक ने आदेश जारी किए है।
आदेश हुए है जारी

सरकार ने यह आदेश जारी किए है, सभी चिकित्सकों को इसकी सूचना दी जा रही है। यदि कोई इस तरह का कार्य कर रहा है तो उस पर कड़ी से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. दिनेश खराड़ी, सीएमएचओ, उदयपुर

Published on:
11 Nov 2020 06:37 am