
Eklingji temple controversy: महाराणा प्रताप के वंशजों के बीच चल रहा विवाद मंगलवार को कुछ शांत होता नजर आया, लेकिन बुधवार को यह फिर से उफान पर आने के संकेत मिले। यही कारण रहा कि सवेरे ही कलक्टर अरविंद पोसवाल और एसपी योगेश गोयल सामोर बाग और आसपास के इलाके में जा पहुंचे और भारी पुलिस फोर्स की मदद से पूरा इलाका घेर लिया गया। दरअसल, पूर्व राजपरिवार के सदस्य महेंद्र सिंह मेवाड़ के निधन के बाद उनके बेटे विश्वराज सिंह ने सिटी पैलेस में धूणी दर्शन करने का प्रयास किया। हालांकि, चाचा अरविंद सिंह के नेतृत्व में महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा पैलेस पर नियंत्रण होने के कारण विश्वराज और उनके समर्थकों को प्रवेश नहीं मिला। इस पर विवाद बढ़ गया और करीब छह घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी। पथराव हुआ और कई लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद देर रात एक बजे प्रशासन ने विवादित स्थल को अपने कब्जे में ले लिया।
एकलिंग नाथ मंदिर भी ट्रस्ट के अंडर, यहां दर्शन करने को लेकर भी असमंजस
विश्वराज सिंह ने बाद में बयान दिया कि वे शहर में शांति भंग नहीं करना चाहते, इसलिए उन्होंने बुधवार को एकलिंगजी मंदिर में दर्शन करने का निर्णय लिया। चूंकि यह मंदिर भी ट्रस्ट के नियंत्रण में है, वहां भी विवाद की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर शहर के घंटाघर और सूरजपोल थाना क्षेत्र में धारा 163 …पुरानी धारा 144… लगा दी है। यह मंदिर करीब 1300 साल पुराना है जिसे बप्पा रावल ने बनवाया था। यह मंदिर सामोर बाग से करीब बीस किलोमीटर दूरी पर है। यहां दर्शन करने के लिए सवेरे करीब सवा दस बजे विश्वराज और उनके समर्थक रवाना हुए। इस बीच भारी पुलिस बंदोबस्त भी उनके साथ रहा।
पुलिस ने किए रास्ते सील, किसी को भी आने-जाने की अनुमति नहीं
राजतिलक दस्तूर के बाद जब विवाद बढ़ा तो प्रशासन ने देर रात उदयपुर सिटी पैलेस स्थित धूणी और जनाना महल जाने के रास्ते को सील कर दिया था। मंगलवार को पुलिस ने सिटी पैलेस के बाहर भारी तैनाती की थी और जगदीश चौक से पैलेस तक रास्ते बंद कर दिए थे। कर्फ्यू जैसे हालात बने थे और दुकानों को भी बंद कर दिया गया था, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ।
इस घटनाक्रम को लेकर कल देर शाम विश्वराज सिंह के चचेरे भाई लक्ष्यराज सिंह ने मीडिया से कहा कि अब चालीस साल पहले भुगत चुके हैं, हम शांति चाहते हैं, किसी भी तरह का विवाद नहीं चाहते हैं। उधर इस घटनाक्रम पर मेवाड़ क्षत्रिय महासभा ने कलेक्टर और एसपी से मुलाकात की और एकलिंगजी मंदिर में दर्शन की अनुमति की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग को शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो समाज में आक्रोश बढ़ सकता है।