
राजसमंद. महावीर भवन में ज्ञानशाला के नन्हे बच्चों ने श्रमण-श्रमणी का रूप धारण कर साध्वी तेजस म.सा. एवं साध्वी हंस म.सा. के सानिध्य में धर्मसभा को संबोधित किया। बच्चों को साधु-साध्वी के वेश में देखकर श्रीसंघ के सदस्य भाव-विभोर हो गए। वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के प्रचार मंत्री भैरूलाल हिंगड़ ने बताया कि हर्षल मेहता ने मेवाड़ प्रवर्तक गुरुदेव अंबालाल म.सा. का रूप धारण कर भगवान महावीर के सिद्धांतों और अपरिग्रह का संदेश दिया। तारुष पगारिया ने आचार्य अजरामर जी म.सा. के रूप में बचपन में किए धर्म कार्यों को सर्वाधिक फलदायी बताया। तनय सियाल ने श्रमण संघीय महामंत्री गुरुदेव सौभाग्य मुनि म.सा., जय डांगी ने मेवाड़ भास्कर कोमल मुनि म.सा. तथा जेविन रांका ने नवदीक्षित हर्षित मुनि म.सा. का किरदार निभाकर प्रवचन दिए। इसी प्रकार अनाया सिंघवी ने साध्वी महिमा म.सा., मोक्षिता पगारिया ने साध्वी विजयप्रभा म.सा., चार्वी हिंगड़ ने साध्वी तेजस म.सा., किनीषा जैन ने हंस म.सा. तथा काव्या हिंगड़ ने सुवासिनी म.सा. के रूप में धर्म, अर्थ, दान, तप और शील पर विचार रखे। ज्ञानशाला संचालिका ममता पामेचा ने संचालन किया। इस अवसर पर श्रीसंघ अध्यक्ष कैलाश तलेसरा, सुधीर पगारिया, अशोक पामेचा, चंद्रप्रकाश सियाल, सागरमल चंडालिया सहित महिला मंडल, बहु मंडल, नवयुवक मंडल एवं सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। समाजजनों ने बच्चों को पारितोषिक एवं प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया।