वर्षों बाद बनेगा चंडाल योग, सिंहस्थ में बड़ी आपदा की भविष्यवाणी

ग्रहों की चाल के मद्देनजर सिंहस्थ से पहले 11 फरवरी से 15 अप्रैल तक प्राकृतिक आपदा की आशंका जताई जा रही है।
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Feb 17, 2016
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ग्रहों की चाल के मद्देनजर सिंहस्थ से पहले 11 फरवरी से 15 अप्रैल तक प्राकृतिक आपदा की आशंका जताई जा रही है। सिंहस्थ के ग्रह योग में शनि एवं मंगल दोनों की वक्रीय गति सूर्य के साथ षडाष्टक योग बना रही है। 8 जनवरी से गुरु वक्री (उल्टा) चल रहा है। 29 जनवरी से गुरु राहू का सिंह राशि में प्रवेश कर चंडाल योग बना रहा है। ज्योतिष गणना के अनुसार यह समय प्रकृति के नियम विरुद्ध घटनाओं का सृजन करने का संकेत है। इस दौर में मानव समाज के लिए अपूरणीय क्षति, विपदा जैसे अनावृष्टि, भूकंप, ओलावृष्टि की आशंका है।

मोहनखेड़ा तीर्थ में कहा
यह बात मुनि ऋषभचंद विजय ने मोहनखेड़ा तीर्थ में मीडिया को दिए बयान में कही है। उन्होंने कहा है कि सिंहस्थ के समय गुरु, मंगल, राहू व शनि यह चार ग्रह एक साथ कई वर्षों बाद वक्री होकर रहेंगे। ज्योतिष आशंकाओं के चलते जिला प्रशासन को सिंहस्थ से पहले व पूर्णता अवधि तक अलर्ट रहकर आपदा संबंधी सारे इंतजाम करना होंगे। अनिष्ट रोकने के लिए समाधान भी कराए जा सकते हैं। ग्रहों की चाल व परिस्थितियां उत्तर भारत के साथ नेपाल, चीन व पाकिस्तान के इलाकों को भी प्रभावित कर सकती हैं।

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96 साल पहले बना था योग
सिंहस्थ के दौरान राहू और गुरु का युतीय योग है। जानकारी के अनुसार इससे पहले एसे योग 1921 में बने थे। उसके बाद अब एसी परिस्थिति बन रही है। इसके अनिष्टकारी योग की संज्ञा भी दी जाती है।

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गुरुचांडाल योग बन रहा
ज्योतिर्विद पं. आनंदशंकर व्यास ने इस बारे में पहले से भविष्यवाणी की थी कि इस बार सिंहस्थ के दौरान गुरु चांडाल का योग बन रहा है। इसके लिए प्रशासन और आने वाले साधु-संतों को धार्मिक अनुष्ठान करवाकर इस योग की शांति के उपाय करने होंगे। वर्षों बाद बन रहे इस योग के बारे में उन्होंने बहुत पहले ही सचेत कर दिया था।

Published on:
17 Feb 2016 04:21 pm