Mahakal Sawari: श्रावण-भादों मास में 14 जुलाई से बाबा महाकाल की सवारी निकलेंगी। हर सोमवार अलग थीम, एलईडी झांकियां, जनजातीय नृत्य और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ भक्तों का जनसैलाब उमड़ेगा। (Sawan 2025)
Sawan 2025: सावन-भादों मास में हर सोमवार को निकलने वाली बाबा महाकाल की सवारियों (Mahakal Sawari) का सिलसिला 14 जुलाई से शुरू होगा। राजसी शाही सवारी 18 अगस्त को निकाली जाएगी। इस बार हर सवारी की थीम कुछ अलग रहेगी। सवारी की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा ने अधिकारियों की समीक्षा बैठक बुलाई और जिम्मेदारियां तय की।
श्रावण-भादौ मास में कावड़ यात्री बाबा महाकाल को जल अर्पण करने आते हैं। इनके जल अर्पण की व्यवस्था कावड़ यात्रियों को अनुमति उपरांत मंगलवार से शुक्रवार द्वार क्रमांक 04 से प्रवेश की व्यवस्था निर्धारित रहेगी। शनिवार, रविवार व सोमवार को आने वाले कावड़ यात्रियों को सामान्य दर्शनार्थियों की तरह निर्धारित मार्ग से प्रवेश रहेगा।
प्रशासक प्रथम कौशिक ने सवारी मार्ग एवं सवारी के दौरान किए जाने वाले सभी कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को अलग-अलग थीम पर सवारी का आयोजन किया जाएगा एवं राजसी सवारी की योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रत्येक सवारी पर अलग-अलग आयोजन किए जाएंगे। सवारियों के दौरान धार्मिक स्थलों के मंदिरों के महत्व को दर्शाती हुई झांकियों का प्रदर्शन एलईडी स्क्रीन के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही म.प्र के जनजाति सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी जाएगी। (Mahakal Sawari)
श्रावण-भादौ मास (Sawan 2025) में प्रतिदिन भगवान श्री महाकालेश्वर की भस्म आरती 11 जुलाई से 13 अगस्त तक सुबह पट खुलने का समय रात 3 बजे होगा। प्रत्येक सोमवार को भस्म आरती का समय रात 2.30 बजे होगा। भस्म आरती प्रतिदिन तड़के 3 से 5 बजे तक और प्रत्येक सोमवार को रात 2.30 से सुबह 4.30 बजे तक होगी। इसी तरह 10 अगस्त से पट खुलने का समय पूर्ववत होगा। श्रावण-भादौ मास में भस्म आरती में कार्तिकेय मण्डपम की अन्तिम तीन पंक्तियों से श्रद्धालुओं के लिए चलित भस्म आरती दर्शन की व्यवस्था रहेगी। (Mahakal Sawari)
सामान्य दर्शन व्यवस्था श्रावण-भादों मास में त्रिवेणी संग्रहालय के समीप से नन्दी गेट, श्री महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन, फेसिलिटी सेन्टर-1, टनल मन्दिर परिसर, कार्तिक मण्डपम, गणेश मण्डपम से भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन दर्शनार्थी करेंगे। साथ ही भारत माता मन्दिर की ओर से प्रशासनिक कार्यालय के संमुख से आने वाले श्रद्धालु शंख द्वार से मानसरोवर भवन में प्रवेश कर फेसिलिटी सेन्टर-1 एवं टनल मन्दिर परिसर, कार्तिक मण्डपम, गणेश मण्डपम से दर्शन उपरांत (निर्माल्य द्वार) अथवा नवीन आपातकालीन निर्गम द्वार से सीधे बाहर के लिये प्रस्थान करेंगे। जल अर्पण की व्यवस्था सभामंडप व कार्तिकेय मंडपम से रहेगी।
बड़ा गणेश मन्दिर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ा गणेश मन्दिर के समीप जूता स्टैंड की व्यवस्था रहेगी। इसी तरह त्रिवेणी द्वार की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मानसरोवर भवन के समीप जूता स्टैंड की व्यवस्था रहेगी। भारत माता मन्दिर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासनिक कार्यालय के समीप जूता स्टैंड की व्यवस्था रहेगी। प्रत्येक जूता स्टैंड के साथ जिला चिकित्सालय की चिकित्सा टीम उपस्थित रहेगी।
शीघ्र दर्शन व्यवस्था (250/- रु.) द्वार नबर 04 के रास्ते विश्रामधाम रूम, सभा मण्डपम होते हुए गणेश मण्डपम से भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन करने के उपरांत निर्गम द्वार अथवा नवीन आपातकालीन निर्गम द्वार से सीधे बाहर की ओर प्रस्थान करेंगे। इसी प्रकार द्वार नबर 01 (अवंतिका द्वार) के रास्ते प्रशासनिक कार्यालय के संमुख से आने वाले श्रद्धालु फेसिलिटी सेन्टर-1 टनल से कार्तिक मण्डपम, गणेश मण्डपम से दर्शन उपरांत नवीन आपातकालीन निर्गम द्वार से सीधे बाहर के लिये प्रस्थान करेंगे।
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने समीक्षा बैठक में कहा कि भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी मार्ग और राजसी सवारी मार्ग पर आवश्यक व्यवस्थाएं करने, सभी बिजली के पोल को फाइबर शीट से कवर करने, सवारी वाले दिन सभा मंडप में कर्मचारी अपना ड्यूटी पॉइंट ना छोड़ें। सवारी मार्ग में स्ट्रीट लाइट एवं प्रकाश की उचित व्यवस्था हो, सवारी मार्ग में आवश्यक बैरिकेडिंग की जाए, मकान के छज्जे के ऊपर ज्यादा भीड़ न हो, सार्वजनिक संरचनाओं के ऊपर लोग ना चढ़ें, सवारी मार्ग में स्थित सभी कैमरे दुरुस्त किए जाएं। सभी कर्मचारी सभी सवारियों में अलर्ट रह कर कार्य करने के निर्देश दिए गए।
इन विभागों को सौंपे दायित्व बैठक में विभिन्न विभागों को दायित्व सौंपे गए जिनमें सीसीटीवी कैमरा की जिमेदारी स्मार्ट सिटी, बैरिकेडिंग लोक निर्माण विभाग को, लाइटिंग कार्य एमपीईबी को, एंबुलेंस वह स्वास्थ्य व्यवस्था चिकित्सा विभाग को, पानी टैंकर की व्यवस्था पीएचई को, गोपाल मंदिर कंट्रोल रूम व्यवस्था मंदिर समिति को, पालकी तथा रथ टेस्टिंग व्यवस्था पीडब्ल्यूडी को, सवारी में लगने वाले हाथियों की व्यवस्था वन विभाग को, सुरक्षा व्यवस्था पुलिस विभाग को, नदी में लगने वाली बोर्ड की व्यवस्था होमगार्ड को, साफ सफाई एवं जर्जर मकान की निगरानी व्यवस्था नगर निगम को सौंपी गई।