सिर्फ शाही स्नान पर होगा ड्राय डे, संत बोले पूरे माह लगाओ बैन

आबकारी विभाग के गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक यह स्पष्ट किया गया है कि 22 अप्रैल से 21 मई तक एक माह में शाही स्नान 22 अप्रैल, 9 मई व 21 मई को होगा
2 min read
• •
Updated: 12 Apr 2016, 12:59 PM IST
liquor banned in simhastha
liquor banned in simhastha
भोपाल/उज्जैन/ग्वालियर। 22 अप्रैल से 21 मई तक चलने वाले सिंहस्थ के दौरान साधु-संत पूर्ण शराबबंदी के पक्ष में हैं, लेकिन सरकार सिर्फ शाही स्नान के दिन ही ड्राय-डे रखने के मूड में है। इधर, कांग्रेस ने सिंहस्थ में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

आबकारी विभाग के गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक यह स्पष्ट किया गया है कि 22 अप्रैल से 21 मई तक एक माह में शाही स्नान 22 अप्रैल, 9 मई व 21 मई को होगा, इस दिन उज्जैन जिले की सभी देशी-विदेशी मदिरा दुकानें बंद रहेंगी। इसके अलावा सभी बार और रेस्टोरेंट में भी शुष्क दिवस घोषित रहेगा। इधर, कई साधु-संतों ने प्रशासन से मांग की है कि वे पूरे सिंहस्थ मेले के दौरान शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाएं।

पवित्र क्षेत्र की 17 दुकानें पूरी तरह बंद
सिंहस्थ मेले में कुछ क्षेत्रों को पवित्र घोषित किया गया है। देशी मदिरा दुकान मालीपुरा, भैरवगढ़, आगर रोड, देशी मदिरा उपदुकान देवासगेट बस स्टैण्ड, हरी फाटक, मुल्लापुरा, चक कमेड तथा विदेशी मदिरा दुकान स्टेशन रोड और फ्रीगंज क्षेत्र में करीब 9 देशी और 8 विदेशी शराब दुकानों को बंद करवा दिया गया है। जबकि उज्जैन जिले में देशी शराब की 463 और अंग्रेजी शराब की 125 दुकानें चल रही हैं।

इधर, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने अवैध शराब की बढ़ती बिक्री पर कहा है कि प्रदेश में शराब की एक भी नई दुकान नहीं खुलने के बावजूद शराब की बेहताशा बिक्री बढ़ गई है, जबकि bjp ने अपने घोषणा पत्र में शराबबंदी लागू करने की बात कही थी।

सिंहस्थ की सफलता के लिए कलेक्टर चढ़ाएंगे देवी को शराब
प्रदेश सरकार के साथ ही जिला प्रशासन के सामने भी सिंहस्थ बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में उज्जैन कलेक्टर कविंद्र कियावत गुदरी चौराहा स्थित प्राचीन 24 खंभा देवी मंदिर में नवरात्र की अष्टमी पर शराब चढ़ाकर पूजा शुरू करेंगे। वैसे तो इस मंदिर में सालभर में एक बार ही शारदीय नवरात्रि की महाष्टमी पर सरकारी नगर पूजा होती है, लेकिन 12 वर्ष में एक बार सिंहस्थ से पहले चैत्र नवरात्र की महाष्टमी पर मेले की सफलता के लिए यहां विशेष नगर पूजा की परंपरा बनी हुई है।
Published on: