पारिवारिक न्यायालय परिसर में पति-पत्नी के विवाद कई बार अत्यंत गंभीर रूप ले लेते हैं। कोर्ट भी कई बार हिरासत में लेने के आदेश जारी करती है, लेकिन इसके बाद भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। यहां पर केवल एक महिला पुलिसकर्मी तैनात रहती है, जबकि सुरक्षा के लिहाज से यहां एक स्थायी पुलिस चौकी होनी चाहिए।
— डीएस शेखावत, अध्यक्ष, पारिवारिक न्यायालय बार एसोसिएशन, जयपुर