आइए, नरक चतुर्दशी के पावन अवसर पर हम संकल्प लें कि अपने जीवन से अज्ञान, अहंकार, ईर्ष्या और वैमनस्य के अंधकार को दूर करेंगे तथा ज्ञान, सद्भाव, मानवता और सकारात्मकता के दीप प्रज्वलित करेंगे। क्योंकि सच्ची दीपावली वही है, जिसमें केवल घर ही नहीं, बल्कि हर मन भी प्रकाश से आलोकित हो।