
उज्जैन. गांधी जयंती पर शहरवासियों ने सड़क पर उतरकर स्वच्छता का संदेश दिया। अधिकारी-जनप्रतिनिधियों सहित आमजन ने सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने की शपथ ली वहीं सड़क पर फैले प्लास्टिक व अन्य कचरा उठाया। इस दौरान लोगों को कपड़े की थैलियां भी बांटी गईं। बुधवार को नगर निगम द्वारा प्लॉग रन का आयोजन किया गया।
क्षीरसागर स्टेडियम पर सुबह अधिकारी-जनप्रतिनिधि व विभिन्न संगठनों के लोग जमा हुए और शहर को स्वच्छ रखने व सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की शपथ ली। साथ ही इस आशय के बोर्ड पर सभी ने हस्ताक्षर किए। इसके बाद प्लॉग रन की शुरुआत हुई, जो नरेन्द्र टॉकिज, कंठाल, प्रकाश टॉकिज, सतीगेट, छत्री चौक होते हुए गोपाल मंदिर पर समाप्त हुई। इस दौरान अधिकारी-जनप्रतिनिधियों ने सड़क पर फैला कचरा उठाया। दौड़ में शामिल निगम की सहयोगी संस्था ओमसाईं विजन व टीम डिवाइन के युवाओं ने स्वच्छता का संदेश देने के साथ ही कपड़े की थैलियां वितरित की। प्लॉग रन में महापौर मीना जोनवाल, निगम अध्यक्ष सोनू गेहलोत, विधायक पारस जैन, मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र वशिष्ठ, संभागायुक्त अजीतकुमार, कलेक्टर शशांक मिश्र, एसपी सचिन अतुलकर, निगमायुक्त प्रतिभा पाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, निगमकर्मी और विभिन्न संगठनों के लोग शामिल थे। कार्यक्रम के प्रारंभ व दौड़ के दौरान गायक ज्वलंत शर्मा ने मधुर गीतों की प्रस्तुति दी।
देरी पर नाराज हुए विधायक जैन
कार्यक्रम प्रारंभ करने का समय सुबह 6.30 बजे का निर्धारित किया गया था लेकिन इसकी शुरुआत देरी से हुई। इस पर विधायक पारस जैन नाराज हुए और निगमायुक्त को समय पर कार्यक्रम शुरू करने का कहा।
आया पॉलीथिन रूपी राक्षस, दी खतरे की चेतावनी
पॉलीथिन से पर्यावरण और जीवन को होने वाले नुकसान की जानकारी देने के लिए बुधवार को बुधवारिया हाट में नगर निगम द्वारा जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। निगम की सहयोगी संस्था टीम डिवाइन और ओम साईं विजन के कार्यकर्ताओं ने नुक्कड़ आयोजन के माध्यम से आम नागरिकों तक प्लास्टिक प्रतिबंध का संदेश पहुंचाया। नाटक में कुछ युवक पॉलीथिन रूपी राक्षस बने और यह बताया कि पॉलीथिन भी पर्यावरण व मानव जीवन के लिए एक राक्षस के समान ही है। नाटक में इस इस राक्षस का विरोध कर पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने का संदेश दिया गया। इस दौरान हाट में स्टेट बैंक के सहयोग से दो हजार कपड़े की थैलियों का वितरण किया और नागरिकों से प्लास्टिक की थैलियां जमा की।