
चर्चा में आई किन्नर अघोरी काली उर्फ नंद गिरि (Photo Source - Patrika)
Ujjain news: चक्रतीर्थ श्मशान घाट के वायरल वीडियो के बाद चर्चा में आई किन्नर अघोरी काली उर्फ नंद गिरि को लेकर अब नया विवाद सामने आया है। काली के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने वाले अघोर अखाड़े के खड़ेश्वरी विष्णु नाथ का दावा है कि कथित अघोरी किन्नर काली पहले पुरुष थे। बाद में जेंडर चेंज कराया और किन्नर के रूप में पहचान बनाई। इसके बाद ‘लेडी अघोरी’ के नाम से सोशल मीडिया पर पहचान बनाई।
नाथ का आरोप है कि तेलंगाना में काली ने लड़की से छेड़छाड़ की थी, जिस पर गांव वालों ने उसके साथ मारपीट की। विष्णुनाथ ने दावा किया है, इसकी जानकारी उसे अखाड़े जुड़े केरल के संत से मिली है। उन्होंने दावों को लेकर कुछ फोटो और पुराने वीडियो साझा किए है। हालांकि पत्रिका इन सभी आरोपों की पुष्टि नहीं करता है।
खड़ेश्वरी विष्णुनाथ का कहना है कि उन्हें केरल के संतों से काली के बारे में कई विवादित बातें पता चली हैं। केरल के संतों ने तो इसके खिलाफ वहां के साइराबाद जिल के थाने में एफआइआर दर्ज होने की जानकारी होने की बात भी कही है। विष्णुनाथ का कहना है कि केरल के अघोर अखाड़े से जुड़े साथी ने बताया कि वह तेलगांना के रंगा रेड्डी गांव का रहने वाला है। जहां एक युवती से छेड़छाड़ पर उसके साथ गांव वालों ने मारपीट की थी। उनका दावा है कि किन्नर बनने के बाद उसका झुकाव अघोर साधना की ओर बढ़ा। विष्णु नाथ का कहना है कि कई बार उन्हें शिकायत मिली कि काली रात में शवों से छेड़छाड़ करता था। अघोर परंपरा में श्मशान साधना की मर्यादा है और सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए शव या चिता से जुड़े कृत्य करना इस परंपरा का हिस्सा नहीं है।
इसी आधार पर उन्होंने काली के वायरल वीडियो को लेकर पुलिस में शिकायत की थी। वायरल वीडियो में काली चक्रतीर्थ श्मशान में जलती चिता के पास तलवार के साथ दिखाई दी थी और चिता से कथित रूप से कोई टुकड़ा निकालकर खाने का दावा करती नजर आई थी। इसके बाद जीवाजीगंज पुलिस ने उसके खिलाफ श्मशान में कब्ज या किसी प्रकार की छेड़छाड़ सहित 25 आर्म्सएक्ट की धारा में केस दर्ज कर जेल भेजा है। वहीं समाज सेवी अनिल डागर का कहना है कि काली उर्फ नंदगिरी अक्सर श्मशाम देर रात को या कभी भी पहुंच जाती थी। वह अक्सर शव के साथ छेड़छाड़ करती पकड़ाई, उसे कई बार श्मशान से भगा दिया था।
तीन माह पूर्व मई माह में भी गढ़कालिका मंदिर में आरती के दौरान हंगामे के बाद आत्मदाह का प्रयास किया था। मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया था। इस घटना के बाद पुजारी महासंघ ने भी पुजारियों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून की मांग उठाई थी वहीं किन्नर अखाड़े ने निष्कासित कर दिया था।
Updated on:
4 Sep 2026, 9:41 AM IST
Published on:
3 Sep 2026, 12:33 PM IST
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