उज्जैन

रामघाट पर चाय की चुस्की के साथ हुए यह कड़े फैसले

निगम अधिकारी और घाट के पंडे-पुजारियों ने की संयुक्त बैठक, पिंडदान स्थल पर नदी में जाली लगाने का प्रस्ताव
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Nov 01, 2019
Ramghat will be single use plastic free
निगम अधिकारी और घाट के पंडे-पुजारियों ने की संयुक्त बैठक, पिंडदान स्थल पर नदी में जाली लगाने का प्रस्ताव

उज्जैन. क्षिप्रा नदी किनारे रामघाट को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाया जाएगा। इसके लिए घाट पर पूजन-अर्चन करने वाले पंडे-पुजारियों को भी इस मुहिम में शामिल किया गया है। अपेक्षित सहयोग मिलने के बाद घाठ पर सिंगल यूज प्लास्टिक को इस क्षेत्र में पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।

घाट पर स्वच्छता के साथ ही पॉलीथिन व सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक को लेकर शुक्रवार को नगर निगम उपायुक्त संजेश गुप्ता व भविष्य खोब्रागड़े ने घाट के पंडे-पुजारी, तीर्थ पुरोहित और उनके प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस बैठक को चाय पर चर्चा का नाम दिया गया। निगम अधिकारियों ने घाट को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने की मंशा जताई, जिस पर सभी ने अपेक्षित सहयोग का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि दीपदान आदि के लिए प्लास्टिक कोटेट दोने-पत्तल की जगह कागज या वृक्ष के पत्तों के दोने उपयोग किए जाएं। पंडे-पुजारी इसके लिए तैयार हो गए और उन्होंने इस प्रकार की सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए किसी संस्था या कंपनी से अनुबंध करवाने की मांग की। बैठक में श्रीराम तीर्थ पुरोहित सभा अवंतिकापुरी द्वारा घाट पर सफाई के लिए निगम को लिखित सुझाव भी दिए गए, जिन पर अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। बैठक में गौरव उपाध्याय, राजेश त्रिवेदी, यश जोशी, योगेश हाड़ा, वेदप्रकाश त्रिवेदी, हिमांशु व्यास, आनंद गुरु, परिवल शास्त्री आदि मौजूद थे।

पिंडदान के लिए नदी में लगे जाली

बैठक में तीर्थ पुरोहित व पुजारियों ने बताया, घाट पर पिंडदान किया जाता है, जिसके अंतर्गत पिंडों को नदी में विसर्जित किया जाता है। इसका मुख्य स्थान पिशाचमुक्तेश्वर मंदिर के पीछे के घाट हैं। पुजारियों ने सुझाव दिया कि उक्त स्थान पर नदी में लोहे की जाली का निर्माल्य कुंड बनाकर रखा जाए। इससे उक्त स्थान पर नदी में विसर्जित होने वाले पिंड व अन्य सामग्री कुंड में जमा हो जाएंगे जिन्हें बाद में आसानी से निकाला जा सकेगा। पिंडदान के अलावा अन्य पूजन, दीपदान आदि के लिए नृसिंहघाट से सुनहरी घाट के बीच करीब एक दर्जन स्थानों पर एेसे निर्माल्य कुंड लगाने का सुझाव दिया गया। अधिकारियों ने प्रायोगिक तौर पर शुरुआत में एक स्थान एेसा निर्माल्य कुंड बनाने का आश्वासन दिया।

अधूरे सुविधाघर से गंदगी

चर्चा के दौरान रामघाट पर लंबे समय से अधूरा पड़ा सुविधाघर को लेकर भी निर्णय लेने की मांग की गई। कुछ लोगों ने इसे सुव्यवस्थित सुविधाघर के रूप में तैयार करने का कहा ताकि महिला-बुजुर्ग आदि को इसका लाभ मिल सके। कुछ ने अधूरे निर्माण के कारण घाट की सुंदरता प्रभावित होने का हवाला देते हुए इसे हटाने का भी कहा।

वाहनों पर प्रतिबंध की मांग

रामघाट पर वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की मांग फिर उठी है। तीर्थ पुरोहित व पुजारियों ने रामघाट पर दो व चार पहियां वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद करने का कहा है। उनके अनुसार इससे घाट की व्यवस्था प्रभावित होती है।

यह सुझाव भी दिए

- घाट पर भिक्षुओं की संख्या काफी बढ़ गई है, जिससे श्रद्धालु भी परेशान होते हैं। एेसी स्थिति पर नियंत्रण के लिए उचित व्यवस्था हो।

- घाट पर जिन सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है, उनके नाम, संपर्क नंबर आदि की लिस्ट लगे ताकि जरूरत पडऩे पर उनसे संपर्क किया जा सके।

- घाट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।

- जूता स्टैंड व सामग्री रखने के लिए सुरिक्षत स्थान तय हो।

- घाटों पर लगने वाली दुकानों को नियत स्थानों पर लगवाया जाए।

- यज्ञ-हवन आदि में निकलने वाली राख के लिए अलग से लोहे के निर्माल्य कुंड स्थापित किए जाए ताकि अन्य कुंड में रखी सामग्रियों में आग लगने का खतरा न रहे।

Published on:
01 Nov 2019 10:28 pm