जिला अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. राजू निदारिया का रविवार को अश्लील वीडियो वायरल हो गया। वे स्टाफ नर्स के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दिए।
उज्जैन. जिला अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. राजू निदारिया का रविवार को अश्लील वीडियो वायरल हो गया। वे स्टाफ नर्स के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दिए। वीडियो वायरल होने के एक घंटे के भीतर ही कलेक्टर ने डॉ. निदारिया को सिविल सर्जन पद से हटा दिया। वहीं डॉ. निदारिया के वीडियो वायरल होने से जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया तो पूरे शहर में चर्चा का विषय बना रहा।
ढाई साल से पदस्थ हैं सिविल सर्जन
जिला अस्पताल में करीब ढाई साल से पदस्थ सिविल सर्जन डॉ. राजू निदारिया का रविवार सुबह ११ बजे के करीब अचानक सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो वायरल हुआ। इसमें वे अपनी स्टाफ नर्स के साथ आपत्तिजनक स्थिति में सेल्फी लेते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिस स्टाफ नर्स के साथ वीडियो वायरल हुआ है वह विवाहित है और जिला अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में कार्यरत है। महज ६ सेकंड की इस वीडियो को जिसने भी देखा अवाक रह गया। कुछ ही मिनटों ने वीडियो शहरभर में वायरल हो गया। वीडियो को लेकर कलेक्टर शशंाक मिश्रा तक शिकायत पहुंची। वीडियो वायरल होने के एक घंटे के भीतर ही कलेक्टर ने डॉ. निदारिया को उनके पद से हटा दिया गया। उनकी जिम्मेदारी इएनटी विशेषज्ञ डॉ. पीएन वर्मा को सौंपी गई है।
नर्सों के ग्रुप में चार वीडियो डलने की चर्चा
नर्सों के ग्रुप में चार वीडियो डलने की चर्चा तीन डिलिट हो गए, एक हो गया वायरल डॉ. निदारिया के वायरल हुए अश्लील वीडियो के बारे में बताया जा रहा है कि यह वीडियो जिला अस्पताल की नर्सों के ग्रुप में डाला गया था। चर्चा यह भी है कि एक के बाद एक चार वीडियो डले थे। चूंकि तीन वीडियो ज्यादा एमबी के थे, लिहाजा वे अपलोड नहीं हुए, इसलिए उन्हें तुरंत डिलिट कर दिया गया। वहीं वायरल वीडियो महज ६ सेकंड का होने से ग्रुप पर डलने से फैल गया। चर्चा यह भी है कि वीडियो पिछले वर्ष का है जो अब वायरल हुआ है।
मंत्री सिलावट बोले- ऐसी हरकत मान्य नहीं
सिविल सर्जन का अश्लील वीडियो वायरल होने का मामला स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट तक भी पहुंचा। उन्होंने मामले में नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी हरकत मान्य नहीं है। पूरे मामले की जांच करवाएंगे और संबंधित पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. निदारिया की पहले भी हो चुकी शिकायत
महिलाओं के साथ बर्ताव को लेकर सिविल सर्जन डॉॅ. निदारिया की पूर्व में भी शिकायतें हो चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक अस्पताल की महिला कर्मचारियों द्वारा कलेक्टर को शिकायत की गई थी कि उनका व्यवहार ठीक नहीं है, वे द्विअर्थी भाषा में बात करते हैं। हालांकि इस शिकायत पर कार्रवाई नहीं होकर ठंडे बस्ते में रख दी गई।