उज्जैन

कम उम्र में क्यों बढ़ रहे हैं हार्टअटैक के मामले? यह है कारण

world heart day 2022- तनाव ने बिगाड़ा युवाओं का दिल, 22% हाइपर टेंशन के हैं शिकार

3 min read
Sep 29, 2022
why are the cases of heart attack increasing at young age

आशीष सक्सेना

उज्जैन. कुछ महीने पूर्व भाजपा के युवा नेता हृदयघात के शिकार हुए और उपचार शुरू होने से पहले ही मौत हो गई। एक दिन पूर्व ही वाराणासी में फिजियालोजी की शोध छात्रा अनुभा की सुबह 7 बजे योग के दौरान अचानक हुई मौत ने पूरे देश को हैरान कर दिया। सिर्फ एक-दो ही नहीं, रोज ऐसी दर्जनों घटनाएं सामने आ रही हैं जिसमें हृदयघात से युवाओं की मौत हो रही है।

हृदयघात अब सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई, बड़ी संख्या में युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसके पीछे बड़ा कारण धूम्रपान के साथ ही अव्यवस्थित दिनचर्या और तनाव है। उज्जैन जिले में ही करीब 22 फीसदी युवा व बड़े हाइपर टेंशन के शिकार हैं। इनमें से अधिकांश इस बीमारी को नजरअंदाज करते हैं जो बाद में हृदयघात का कारण बन जाता है। बुधवार को विश्व हृदय दिवस है। बुजुर्गों के साथ जिस तरह युवाओं में हृदयघात के मामले बढ़ रहे हैं, जागरूकता के लिए इस दिन का मनाने का महत्व भी और बढ़ गया है।

1.79 लाख से ज्यादा को हाइपर टेंशन

जिले की जनसंख्या करीब 22 लाख है। इनमें से 37 फीसदी आबादी 30 वर्ष व इससे अधिक उम्र के लोगों की हैं। उज्जैन के गैर संचारी रोग (हृदय रोग, डायबिटीज, दमा आदि) के नोडल अधिकारी डॉ. रौनक एलची ने बताया, इस आयु वर्ग के लोगों में से 22 प्रतिशत हाइपर टेंशन के मरीज हैं। मसलन जिले में ऐसे लोगों की संख्या 1 लाख 79 हजार से अधिक है। चिड़चीड़ापन, बार-बार सिरदर्द, थकान, सांस लेने में समस्या, थोड़ा पैदल चलने में थकना या सांस फूलना आदि इसके लक्षण है। सिर्फ जिला अस्पताल के रिकार्ड अनुसार ही डेढ़ वर्ष में 131 लोगों की हृदय घात से मौत हो चुकी है।

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साथ रखें गोली, तीन घंटे टलेगा अटैक

सभी लोगों को दो दवाई हमेशा अपनी जेब में रखना ही चाहिए। डिस्प्रीन की गोली (एस्प्रीन 375 एमजी), सोरबिट्रेट एसएल 5 एमजी रखें। यदि में सीने में दर्द, पसीना, घबराहट, सांस फूलना, कंधे, गर्दन या पीठ में दर्द महसूस होता है तो इन दवाओं का प्रयोग करें। ऐसा करने से हार्ट अटैक को तीन घंटे के लिए टाला जा सकता है। इन दिनों जिस प्रकार हार्ट अटैक के कारण तत्काल मौत के मामले आ रहे हैं, इनसे बचाव के लिए सभी को जागरूक होना होगा। हृदघात के मामले में शुरुआत तीन घंटे काफी महत्वपूर्ण होते हैं।

- डॉ. रौनक एलची, नोडल अधिकारी गैर संचारी रोग

इसलिए बढ़ रहे मरीज

धूम्रपान, तनाव, योग-व्यायाम की कमी, बाहरी तला-गला अधिक खाना, हरी सब्जी, ताजा व पौष्टिक खाद्यान का कम उपयोग, व्यवस्थित दिनचर्या, पर्याप्त नींद न लेना।

होगी नि:शुल्क जांच

विश्व हृदय दिवस पर गुरुवार को जिला अस्पताल में नि:शुल्क जांच शिविर लगेगा। इसमें आने वाले सभी लोगों की हृदय की स्थिति जानने ब्लड प्रेशर का टेस्ट आदि होगा। शिविर सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होगा।

1. अपनाए 8 का आंकड़ा

रोज 8 ग्राम से अधिक नमक न खाएं।
रोज 8 ग्राम से ज्यादा शद्ध घी न खाएं।
रोज 80 ग्राम से ज्यादा कार्बोहाइड्रेड नहीं।
रोज 80 से 100 ग्रामी हरी सब्जी व फल लें।
रोज 80-100 ग्राम बादाम, अखरोड, किशमिश लें।
रोज 8 घंटे की निंद व 8 मिनट की धूप।
रोज 800 कदम पैदल व 8 मिनट तेज चाल। प्रति सप्ताह 80 मिनट योग, प्रणायाम, कसरत। पेट का घेरा 80 सेमी से ज्यादा नहीं।
बुरा कोलेस्ट्रॉल 80 से ज्यादा नहीं। शुगर 80-120 से ज्यादा नहीं।


8 दिन में एक बार काम से अवकाश। 80 दिन में से दो दिन परिवार के साथ आउटिंग। हिमोग्लोबिन 8 ग्राम से कम नहीं। रोज 8 मिनट तक डांस व प्रार्थना।

- प्रो. डॉ. विजय गर्ग, एमडी मेडिसिन

Updated on:
29 Sept 2022 11:01 am
Published on:
29 Sept 2022 10:59 am
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