इस नाटक द्वारा बखूबी से इस मुद्दे और उसकी सच्चाई को कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों के सामने उतारा।
उत्तर प्रदेश में इस समय जात-पात को लेकर हंगामा हो रहा है। हमारे देश में ये समस्या हमेशा से रहा है। इसी को लेकर कुछ युवाओ ने एक नाटक के जरिए लोगों को इस भेदभाव को खत्म करने का संदेश दिया है।
ड्रामाटर्जी आर्ट्स एंड कल्चर सोसायटी ने एलटीजी ऑडिटोरियम में आज स्टेज पर एक शानदार नाटक ‘सदगति’ का मंचन किया। यह नाटक मुंशीप्रेम चंद की कहानी पर बनाया गया। इस नाटक के डायरेक्टर सुनिल चौहान हैं। उनके नेतृत्व में युवाओं ने इस समस्या पर जोरदार प्रहार किया है।
बता दें कि इससे पहले इस नाटक को सदी के महान फिल्म डायरेक्टर सत्यजीत रे ने सबसे पहले नाट्य के रूप में पर्दे पर उतारा था। आज कई सालों के बाद डायरेक्टर सुनील चौहान ने फिर से इसे नाटक का रुप दिया है। इस नाटक की कहानी जात-पात और छुआछूत पर आधारित है।
इस नाटक में मुख्य किरदार का नाम दुखिया है जो एक चमार जाति का है, ‘दुखिया’ अपनी बेटी की शादी के लिए पंडित को बुलाने जाता है लेकिन ब्राह्मण ऊंची जाति का होने के कारण दुखिया को प्रताड़ित करता है जिसके चलते उसकी मौत हो जाती है। वहीं पंड़ित आंगन दुखिया की लाश को भी छूने में हिचकता है।
इस नाटक द्वारा बखूबी से इस मुद्दे और उसकी सच्चाई को कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों के सामने उतारा। इस नाटक के सभी कलाकारों ने स्टेज पर अपना रोल अच्छे से अच्छे से अदा कर समाजिक संदेश दिया।
इस नाटक में बतौर अतिथि ए के मिश्रा, तेजपाल धामा, मालती वर्मा ने शिरकत की। आपको बता दें कि इस नाटक की मुख्य भूमिका में कुनाल सिंह, लव शर्मा, किरण टाक, भावना यादव, शर्या साजदेवा, हिमांशु मुगनिया, प्रखर परताप सिंह, और सहायक भूमिका में अभिषेक, सूर्यांश, राजीव, सनी, नेहा सिंह, नवोदित मंडल आदि कई कलाकार और बैक स्टेज राजवीर, अमन, राजीव आदि ग्रुप के सदस्य सहित म्यूजिक प्रवीन चौहान आदि सभी के प्रदर्शन और सहयोग ने दर्शकों के दिलों में जगह बनाई।