उन्नाव

उन्नाव गैंगरेप मामला, कुलदीप सिंह सेंगर की और बढ़ी मुसीबत, विधायक के भाई पर सीबीआई ने कसा शिकंजा

उन्नाव गैंगरेप मामले में अतुल सिंह और उसके दोस्तों को सीबीआई की टीम पूछताछ के लिए लखनऊ ले गई...

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Apr 18, 2018
उन्नाव गैंगरेप मामला, कुलदीप सिंह सेंगर की और बढ़ी मुसीबत, विधायक के भाई पर सीबीआई ने कसा शिकंजा

उन्नाव. केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम ने विधायक सहित उनके दोनों भाइयों का अपराधिक इतिहास की जानकारी करना शुरू कर दिया है। उन्होंने सबूत जुटाने के लिए विधायक सहित उनके भाइयों का आपराधिक रिकॉर्ड भी मांगा है। हत्या के मामले में जेल में बंद विधायक के भाई अतुल सिंह और उसके दोस्त सोनू सिंह, शैलू, विनीत, बउआ को सीबीआई की टीम पूछताछ के लिए लखनऊ ले गई थी। जहां देर रात उन्हें वापस लाया गया। इधर दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिवारीजनों के स्वास्थ्य का परीक्षण जिला अस्पताल के डॉक्टर लगातार कर रहे हैं। टीम में पुरुष और महिला विभाग के डॉक्टर स्टॉफ शामिल थे। सीबीआई की उपस्थिति गांव में लोग सहमे सहमे से हैं। लोग घरों में ही रहना पसंद कर रहे हैं। आईजी सीबीआई जी.के. गोस्वामी और एसपी राघवेंद्र वत्स की मौजूदगी में सीबीआई की टीम ने मामले से संबंधित सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच पड़ताल की।

खंगाला जा रहा आपराधिक इतिहास

केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम ने भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के साथ उनके दोनों भाइयों के अपराधिक इतिहास के विषय में जानकारी मांगी है। सदर कोतवाली की पुलिस से भी सीबीआई की टीम ने पूछताछ की और घटनाओं के संबंध में जानकारी मांगी। गौरतलब है एक बड़ा मामला विधायक के भाई के द्वारा किया गया था। जब एएसपी को गोली मारी गई थी। जिसमें बाद में समझौता हो गया था और मामला बंद कर दिया गया था। इसके विषय में भी सीबीआई ने कोतवाली पुलिस से जानकारी मांगी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम की तेजी जमीन पर दिखाई पड़ रही है। जब उनकी एक टीम ने दुष्कर्म पीड़िता की पिता की हत्या के मामले में जेल में बंद अतुल सिंह और उसके चार साथियों को लेकर लखनऊ गई। जानकारी मिली सीबीआई कोर्ट में पेश करने के लिए लखनऊ ले गई। जिन्हें देर रात वापस लाया गया। गौरतलब है दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या का मामला सीजीएम अदालत से सीबीआई अदालत सोमवार को स्थानांतरित कर दिया गया था। विगत 10 अप्रैल को अतुल सिंह और उसके दोस्तों को गिरफ्तार कर सीजीएम के कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से उन्हें 14 दिन के रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पूरा मामला सीबीआई के सुपुर्द कर दिया गया।


डॉक्टरों की टीम रखेगी निगाह

जिला प्रशासन दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिवारीजनों के स्वास्थ्य की लगातार जांच करा रहा है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम गेस्ट हाउस पहुंच कर पीड़िता और उसके परिवारीजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया है। इस मौके पर डॉक्टर ने बताया रूटीन चेकअप है। पीड़िता और उसके परिवारीजनों को कोई विशेष बीमारी नहीं है। खानपान में आ रही अनियमितताओं के कारण कमजोरी है। कोई गंभीर बीमारी नहीं है। डॉक्टरों की टीम में जिला अस्पताल के पुरूष विभाग के फिजीशियन डॉक्टर आलोक पांडे महिला विभाग से डॉक्टर बीना रावत सहित अन्य लोग भी शामिल थे।

जांच में जुटी सीबीआई

केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम ने माखी गांव में पीड़िता और उसकी मां के साथ घटना से संबंधित सभी स्थानों पर पहुंचे और गहनता से छानबीन की। पीड़िता और उसके परिवारीजनों द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों के विषय में प्रत्येक कदम की जानकारी मांगी गई कि किस तरह आरोपी महिला शशि सिंह उसे बहला-फुसलाकर किस रास्ते से किस कमरे में कैसे ले गई। इसके साथ ही विगत 4 अप्रैल को पीड़िता के पिता के साथ हुई मारपीट की घटना के विषय में जानकारी मांगी गई। निरीक्षण के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और पीएसी मौजूद थे

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Published on:
18 Apr 2018 11:05 am
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