कवि सम्मेलन में सरकार की नियत और नीति पर भी कसा व्यंग
उन्नाव. गांव गली में चर्चा है, चर्चा शहर और थाने में, माननीय मुलायम सिंह का कहि दिनेन, मोदी जी के कानेन मा। कहन बंधु तुम भले बहुत हो, जो फंसे नहीं इन जंजालन मा। हमारे बीवी बेटवा हमका फांसेन, बड़े बवालन मा। आचमन संस्था द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में कविता पाठ करते हुए जनपद के हास्य कवि केडी शर्मा ने जब उक्त रचना पढ़ी ठहाकों से पंडाल गूंज गया। इस मौके पर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों ने प्रदेश लेकर केंद्र सरकार के नेताओं और उनकी कार्यप्रणाली पर व्यंग्य कसते हुए लोगों को गुदगुदाया और सामाजिक व्यवस्था पर चोट भी की। देर रात तक चले कवि सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रोतागण मौजूद थे। जिन्होंने हास्य व्यंग सहित राष्ट्रभक्ति केंद्र और प्रदेश सरकार की नीति और नियत पर कटाक्ष किया। किसी ने चिड़ियाघर में बंद शेरों को हरी घास खिलाया तो किसी ने पड़ोसी देश को समझाने का प्रयास बंद करने की सलाह दी।
आपके शहर में पहली बार आई
कार्यक्रम का शुभारंभ कवि अतुल बाजपेई के कविता पाठ से हुआ उज्जवल धवल तेज पुंज कोटि सूर्य सम मातु भारती का कंठहार वंदे मातरम पढ़कर वीणावादिनी मां सरस्वती का वंदन किया। इसके साथ ही शुरू हुए कवि सम्मेलन में अन्य प्रदेशों से आए रचनाकारों ने अपनी रचनाओं को प्रस्तुत किया। राजस्थान से आए कवि विनीत चौहान ने मोदी जी पर शब्दों का वार करते हुए कहा बहुत हो चुका मोदी जी, इनको समझना बंद करो, आस्तीन के सांपों को, दूध पिलाना बंद करो। कवित्री पूनम वर्मा ने भी कविता पाठ से लोगों को बांधे रखा उन्होंने मुझे ऐसा वर दे शुभ शारदे मां, जो अज्ञानता से हमें तार दे मां। इसी क्रम में उन्होंने आगे कहा कि किसी की याद की खुशबू में भीगे केस लाई हूं, सभी दिलों को जोड़ने वाले अमित संदेश लाई हूं सुनाया। कभी अंजनी कुमार सिंह राम किशोर त्रिपाठी गुरु सक्सेना विनीत चौहान पूनम वर्मा ने भी अपनी रचनाओं से लोगों को बांधे रखा देर रात तक चले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रोतागण मौजूद थे। आचमन संस्था द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में संस्था के पदाधिकारी उमा निवास बाजपेई, राज किशोर तिवारी, विनय दीक्षित, शैलेंद्र सिंह, मोहनी शंकर पांडे, रामदत्त त्रिपाठी सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।