शनिवार को 3290 नए कोविड (Coronavirus in UP) केस आए, जिससे स्वास्थ्य विभाग की नींदे उड़ गई।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क.
उन्नाव. उत्तर प्रदेश में कोरोना (Coronavirus in UP) का ग्राफ तेजी से बढता ही जा रहा है। शनिवार को 3290 नए कोविड केस आए, जिससे स्वास्थ्य विभाग की नींदे उड़ गई। हैरानी वाली बात यह है कि बड़े-बड़े अधिकारी की भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। शुक्रवार को उन्नाव के जिलाधिकारी रवींद्र कुमार की भी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इनके अतिरिक्त आईजी चुनाव प्रकोष्ठ के पद पर हाल ही में तैनाती हुए आइपीएस अधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व लखनऊ में एसीपी आइपी सिंह भी कोरोना संक्रमित मिले। इससे पहले भी कई नेता व अफसर कोरोना से संक्रमित हुए हैं।
ललितपुर जिलाधिकारी भी हुए थे संक्रमित-
बीते रविवार को ललतिपुर के जिलाधिकारी ए दिनेश कुमार कोरोना पॉजिटिव पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने उनकी जांच कराई गई थी जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। रिपोर्ट आने के बाद जिलाधिकारी होम आइसोलेट हो गए। इस दौरान वह किसी प्रकार के कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेंगे व पूर्ण रूप से आराम करेंगे।
एमएलसी दीपक सिंह कोरोना पॉजिटिव-
कांग्रेस से विधान परिषद के सदस्य दीपक सिंह भी कोरोना वायरस की चपेट में हैं। दीपक सिंह ने खुद इसकी जानकारी ट्वीट कर दी। उन्होंने बताया कि मुझे बुखार था। अभी टेस्ट करवाया तो कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। फिलहाल मैं बिल्कुल ठीक हूं, अपने घर में आइसोलेट हूं। कोरोना के पहले चरण में कई गंभीर मरीजों के साथ घंटो रहा पर पॉजिटिव नहीं हुआ, शायद यह दौर खतरनाक है, मेरे संपर्क में आए लोग अपना ख्याल रखें और जांच करवा लें।
वैक्सीन लगवाने के बाद भी डॉक्टर संक्रमित-
बीते सप्ताह राजधानी लखनऊ में कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद भी सिविल अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर नितिन मिश्रा कोरोना संक्रमित हो गए। यूपी में ये इस तरह का पहला केस था। नितिन ने 16 मार्च को कोवैक्सीन की दूसरी डोज लगवाई थी। आखिरी डोज लगवाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। 20 मार्च को उन्होंने कोरोना जांच कराई जिसकी 21 मार्च रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसी तरह 16 जनवरी को पीजीआई अस्पताल के निदेशक डॉक्टर आरके धीमान ने कोरोना वैक्सीन का पहला टीका लगवाया था। उसके बाद उन्होंने दूसरा टीका भी लगवाया था। और वह भी कोरोना संक्रमित हो गए।