एससी एसटी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के नए फैसले के खिलाफ दलित संगठनों द्वारा भारत बंद का ऐलान किया गया है। इसी के तहत मऊ जनपद में विभिन्न दलित संगठनों और राजनीतिक पार्टियों ने सड़क पर उतरकर जम कर प्रदर्शन किया । इस दौरान मऊ जनपद की पुलिस के लिए ट्रैफिक संचालन भारी चुनौती बना रहा।
एससी एसटी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के नए फैसले के खिलाफ दलित संगठनों द्वारा भारत बंद का ऐलान किया गया है। इसी के तहत मऊ जनपद में विभिन्न दलित संगठनों और राजनीतिक पार्टियों ने सड़क पर उतरकर जम कर प्रदर्शन किया । इस दौरान मऊ जनपद की पुलिस के लिए ट्रैफिक संचालन भारी चुनौती बना रहा।
दलित संगठनों विभिन्न क्षेत्रों से निकलकर मऊ के कलेक्ट्रेट की तरफ रुख किया ।इस दौरान नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर सड़क जाम से अफरा तफरी का माहौल बना रहा।
ट्रैफिक संचालन के लिए खुद सिटी मजिस्ट्रेट को सड़क पर उतरना पड़ा।
किसी तरह प्रदर्शनकारियों ने सड़क का जाम खोला गया, इसके बाद ट्रैफिक का संचालन शुरू हुआ।
वहीं दलित संगठन सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ नारेबाजी करते दिखे। दलितों ने कहा कि बाबा साहब के द्वारा दिया गया छीनने का अधिकार किसी को नहीं है। एसटी एससी आरक्षण में बदलाव संविधान के खिलाफ है, इसको हम लोग कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
दलित नेताओं ने कहा कि जिस तरीके से आरक्षण मिल रहा है उसी तरीके से आरक्षण मिलना चाहिए।
कलेक्ट्रेट पहुंचे दलितों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को दिया ज्ञापन
विभिन्न संगठनों के साथ भारी संख्या में दलित जाति के प्रदर्शनकारी मऊ कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। यहां पर उन्होंने अपना मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भेजा। इसमें उन्होंने कहा कि एसटी एससी आरक्षण में कैटिगरी वाइज बंटवारा संविधान के खिलाफ है। जिस तरीके से आरक्षण मिल रहा है उसी तरीके से आरक्षण मिलना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का फैसला दलितों और संविधान के खिलाफ है।