
UP Politics News: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अजय राय अब 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में देवदारी ठोकने की तैयारी में हैं। बीते दिनों लखनऊ में कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' के शपथ ग्रहण समारोह में महिला नेता से हुई हाथापाई के बाद उन्हें दिल्ली तलब किया गया। वहीं, दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद अजय राय ने सोशल मीडिया पर पिंडरा विधानसभा क्षेत्र को अपना परिवार बताते हुए पोस्ट साझा किया है। उनके इस पोस्ट को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
अजय राय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, "पिंडरा सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, मेरा परिवार है! मां नक्टेश्वरी देवी जी के पावन आशीर्वाद से ही मुझे पहली बार चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल हुई थी। पिंडरा परिवार के विकास और जन-सेवा के संकल्प के साथ माँ के दरबार में शीश नवाऊंगा। मैं आप सभी पिंडरा परिवार जनों को सादर आमंत्रित करता हूं।" अजय राय ने इस पोस्ट से पूर्व भी पिंडरा विधानसभा से चुनाव लड़ने की बात कही थी। बता दें कि पिंडरा विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा है और अवधेश सिंह इस सीट से वर्तमान में विधायक हैं।
वहीं, बीते दिनों लखनऊ में अजय राय और कांग्रेस नेता ममता चौधरी के समर्थकों के बीच जुबानी जंग और हाथापाई के बाद राजनीतिक गलियारों में अजय राय के कांग्रेस छोड़ने की भी चर्चा रही है। चर्चा इस बात की है कि अजय राय कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी के साथ आ सकते हैं। हालांकि, इस बारे में अजय राय ने प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाए जाने के बाद ही कहा था कि वह कांग्रेस का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे और हनुमान की तरह राहुल गांधी की और कांग्रेस पार्टी की सेवा करेंगे।
हालांकि, लखनऊ में हुई घटना ने यह साबित कर दिया है कि कांग्रेस में गुटबाजी चरम सीमा पर है। लखनऊ की घटना के बाद मीडिया के साथ घुल मिलकर रहने वाले अजय राय ने फिलहाल मीडिया से ही दूरी बना ली है। लखनऊ की घटना के बाद अजय राय वापस वाराणसी पहुंचे और कई बार मीडिया कर्मियों से दूरी बना ली। इसी बीच यह आशंका जताई जाने लगी कि वह कांग्रेस छोड़ बीजेपी ज्वाइन करने वाले हैं। हालांकि, खबरें सामने आने के बाद उन्हें बुधवार को दिल्ली तलब किया गया। वहीं, दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।