वाराणसी

फूलपुर संसदीय सीट पर अपना दल ने लिया निर्णय, जानिए बीजेपी की मिलेगी राहत या आयेगी आफत

उपचुनाव में भी निर्णायक होंगे पटेल मतदाता, जानिए क्या है कहानी
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Updated: 18 Oct 2017, 12:52 PM IST
Apna Dal and BJP
अपना दल व बीजेपी

वाराणसी. फूलपुर संसदीय सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले बीजेपी को बड़ी राहत मिल गयी है। बीजेपी को अब प्रत्याशी के नाम की घोषणा करने में दिक्कत नहीं होगी। बीजेपी को सहयोगी दल का साथ मिलने से विरोधियों को भी तगड़ा झटका लग गया है।
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सीएम योगी की गोरखपुर व यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के इस्तीफा देने के बाद से फूलपुर संसदीय सीट खाली हो गयी है। गोरखपुर के साथ फूलपुर संसदीय सीट पर उपचुनाव होना है। उपचुनाव के लिए सभी दलों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। दोनों ही सीट पर जीतने वाले प्रत्याशी को डेढ़ साल ही सांसद बनने का मौका मिल पायेगा। इसके बाद भी कांग्रेस, बसपा, सपा व बीजेपी ने सीट पर कब्जे के लिए चक्रव्यूह रचना शुरू कर दिया है। सभी दल जानते हैं कि संसदीय चुनाव २०१९ से पहले इस सीट पर जिस दल को विजय मिलती है वह अधिक आत्मविश्वास के साथ संसदीय चुनाव लड़ पायेगा। गोरखपुर संसदीय सीट पर होने वाले उपचुनाव में सीएम योगी के चलते बीजेपी का पलड़ा कुछ भारी है, लेकिन फूलपुर संसदीय सीट की कहानी अलग है। पटेल बाहुल्य मतदाताओं की इस सीट पर बीजेपी को पहली बार ही विजय मिली थी और इस बार की राह आसान नहीं है।
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बीजेपी के लिए बड़ी राहत होगी इस दल का समर्थन
फूलपुर संसदीय सीट पर पटेल वर्ग के मतदाता अधिक है इसलिए कयास लग रहे थे कि बीजेपी के सहयोगी दल अपना दल सोनेलाल भी इस सीट पर अपना दावा कर सकता है। अपना दल के दावा करने से बीजेपी की स्थिति खराब हो सकती थी। बीजेपी अपना दल को यह सीट देती तो माना जाता कि भगवा पार्टी कमजोर हो गयी है, यदि सीट नहीं देती तो पटेल वोटर नाराज हो सकते थे, लेकिन अब बीजेपी को असहज स्थिति का सामना नहीं करना होगा। अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल ने पत्रिका से खास बातचीत में बताया कि फूलपुर संसदीय सीट बीजेपी की है और हम लोग इस सीट पर किसी तरह का दावा नहीं करने जा रहे हैं। नगर निगम चुनाव में सीटों के बंटवारे पर बीजेपी से वार्ता हो रही है और दोनों ही दल जल्द अंतिम निर्णय ले लेंगे।
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बीजेपी के निगाहे पटेल वोटर पर, उपचुनाव में भी होंगे निर्णायक
बीजेपी की निगाहे पटेल वोटरों पर टिकी है। अपना दल से समर्थन मिलने के बाद से बीजेपी फायदे में आ सकती है। बीजेपी ने पहले ही पटेल वर्ग के बड़े नेता व बसपा के पूर्व विधायक दीपक पटेल व उनकी माता केसरी पटेल को पार्टी में शामिल कर लिया है, जिसके बाद से बीजेपी की पटेल वर्ग पर अच्छी पकड़ हो सकती है। गौरतलब है कि फूलपुर संसदीय सीट पर सबसे अधिक वोटर पटेल वर्ग के हैं इसके बाद ब्राह्मण वोटरों को नम्बर आता है।
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