31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यूपी को पहली स्लीपर वंदे भारत की सौगात, रेल मंत्री व सीएम योगी ने दिखाई हरी झंडी, पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक

Vande bharat Train: उत्तर प्रदेश की पहली स्लीपर वंदे भारत की सौगात काशी वासियों को शनिवार को मिल गई। यह ट्रेन वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलेगी और यह देश की दूसरी स्लीपर वंदे भारत ट्रेन है।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

वाराणसी

•

image

Vijendra Mishra

•

Updated: 31 Oct 2026, 5:21 PM IST

Varanasi news

उद्घाटन करते रेल मंत्री व सीएम योगी, (Pc-myyogiadityanath Youtube)

Sleeper Vande bharat Train: उत्तर प्रदेश की पहली स्लीपर वंदे भारत की सौगात काशी वासियों को शनिवार को मिल गई। यह ट्रेन वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलेगी और यह देश की दूसरी स्लीपर वंदे भारत ट्रेन है। वाराणसी से दिल्ली के लिए पहले से ही दो वंदे भारत ट्रेनों का संचालन किया जाता है, लेकिन उनमें से एक भी स्लीपर नहीं थी। इसकी शुरुआत बनारस रेलवे स्टेशन पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाकर किया। रेल मंत्री ने बताया कि यह ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है और इसे रात में चलाने को लेकर विशेष रूप से तैयार किया गया है।

क्या बोले पीएम मोदी

नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उद्घाटन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया है कि काशी से प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल होते हुए दिल्ली तक चलने वाली वंदे भारत ट्रेन लाखों श्रद्धालुओं, पर्यटक, युवाओं और व्यापारियों की यात्रा को सुगम बनाएगी और बाबा विश्वनाथ के दर्शन हो या संगम की यात्रा, यह ट्रेन आस्था को अवसर और परंपरा को आधुनिकता से जोड़ेगी। उन्होंने नई रेल सेवा के लिए शुभकामनाएं भी दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली और काशी के बीच रेल यात्रा करने वालों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू होने से समय की बचत के साथ ही उनका अनुभव बेहतर होने वाला है।

जानें कितना होगा किराया

वाराणसी से नई दिल्ली के लिए कई ट्रेनों का संचालन किया जाता है। अब तक वंदे भारत और शिवगंगा एक्सप्रेस प्रमुख ट्रेनों में गिनी जाती थी, लेकिन अब वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भी इसमें शामिल हो गई है। शिव गंगा के मुकाबले इसका किराया अधिक होगा और यात्री आराम से सोते हुए दिल्ली का सफर पूरा कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि सप्ताह में 6 दिन इस ट्रेन का संचालन किया जाएगा। हालांकि, अभी यह नियमित रूप से कब से चलाई जाएगी, इसको लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

रेलवे के अधिकारियों की मानें तो थर्ड एसी का किराया 1,819 रुपये, जबकि सेकंड एसी का किराया 2,349 होगा। वहीं, फर्स्ट एसी का 2,880 रुपए होगा। इस पर 5% जीएसटी भी लगेगा, इसके बाद यह क्रमशः 1,910 रुपए, 2,467 रुपए और 3,024 हो जाएगा। यह ट्रेन वाराणसी से रात 8:50 पर रवाना होगी और प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़, गाजियाबाद होते हुए सुबह 6:10 पर नई दिल्ली पहुंचेगी। वहीं वापसी में नई दिल्ली से रात 9:40 पर रवाना होगी। गाजियाबाद, अलीगढ़, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज होते हुए सुबह 7:10 पर वाराणसी पहुंचेगी।

कितनी है रफ्तार

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पूरी तरह से वतानुकूलित है और इसमें 16 कोच लगाए गए हैं। इनमें से 11 थर्ड एसी हैं, 4 सेकंड और एक फर्स्ट एसी कोच शामिल है। इन 16 कोच में 1128 यात्रियों के सफर करने की व्यवस्था की गई है। इस ट्रेन की रफ्तार को 180 किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, अभी ट्रायल के रूप में इसे 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जाना है। ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच में शावर की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके साथ ही सभी कोच में सीसीटीवी कैमरे भी इंस्टॉल किए गए हैं। ऑटोमेटिक दरवाजे आधुनिक फायर अलार्म सिस्टम भी इसमें लगाया गया है।

मेमू ट्रेन की सौगात

इसके साथ ही काशी को दो नई मेमू ट्रेन की भी सौगात दी गई है। वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच मेमू ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसे भी हरी झंडी दिखाकर शनिवार को रवाना किया गया। इन ट्रेनों में 12 कोच की व्यवस्था की गई है और वाराणसी जंक्शन, बनारस, भुल्लनपुर और हरदत्तपुर रेलवे स्टेशन से होते हुए यह ट्रेन राजातालाब पहुंचेगी। इसके अलावा बनारस से प्रयागराज रामबाग के बीच मेमू ट्रेन की भी सौगात मिली है। रेल मंत्री ने कहा कि इससे दोनों धार्मिक शहरों के बीच आवागमन आसान होगा।