जॉर्जिया के कॉलेज में एमबीबीएस में एडमिशन कराने के नाम पर वाराणसी की महिला से करीब 11 लख रुपए की ठगी की गई है। ठगी का एहसास होने के बाद महिला ने भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है...
वाराणसी: भेलूपुर थाना क्षेत्र के दुर्गाकुंड की एक महिला ने एडमिशन के नाम पर 10 लाख से अधिक की ठगी किए जाने का मुकदमा थाने में दर्ज कराया है। महिला ने आरोप लगाया कि बेटे का एडमिशन जॉर्जिया में करवाने के नाम पर उनसे यह रकम वसूली गई है और ठगी का एहसास होने के बाद दस्तावेज वापस मांगे जाने पर अतिरिक्त 2 लाख रुपए की मांग की गई है।
दुर्गाकुंड निवासी प्रेमलता कुमारी ने बताया कि उनके बेटे शिवम को जॉर्जिया में एमबीबीएस में एडमिशन दिलाने का झांसा देकर एक गिरोह ने अपने जाल में फंसा लिया। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस गिरोह में विवेक यादव, संजय तिवारी, पंकज धामी, श्वेता सूद और विष्णु उपाध्याय शामिल है। आरोपियों ने उनके बेटे को भरोसे में लिया और उसके बाद उनके बेटे शिवम ने उन्हें अपने सारे दस्तावेज सौंप दिए।
प्रेमलता ने बताया कि लगभग 6 महीना तक आरोपियों ने उनके संपर्क में रहकर उनका भरोसा जीत और योजना बनाकर उनके साथ ठगी की। उन्होंने बताया कि अलग-अलग माध्यमों से 10 लाख 85 हजार रुपए उनसे वसूले गए हैं। पीड़िता ने बताया कि इन पैसों में करीब 8000 अमेरिकी डॉलर, डेढ़ लाख रुपये आरटीजीएस के अलावा कई छोटे बड़े यूपीआई से पेमेंट की गई। इसके साथ ही 1 लाख 35 हजार रुपए नकड़ भी दिए गए। उन्होंने बताया कि इन पैसों की लेनदेन को लेकर कुछ रसीद भी दी गई है।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उन्हें विश्वास दिलाया कि शिवम का एडमिशन जॉर्जिया के एक कॉलेज में एमबीबीएस में हो चुका है और जल्द ही वीजा की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद कुरियर के माध्यम से बेटे शिवम ने नोएडा स्थित कार्यालय में अपने सारे दस्तावेज भेज दिए। उन्होंने बताया कि पहले 25 अक्टूबर 2025 फिर 30 अक्टूबर 2025 और 10 नवंबर 2025 की तारीख पर उनके बेटे को जॉर्जिया भेजने की बात कही गई,लेकिन लगातार कुछ ना कुछ बहाना बनाकर इस प्रक्रिया को टाल दिया गया।
पीड़िता ने बताया कि लगातार तारीख टाले जाने के बाद उन्हें संदेह हुआ और जब उन्होंने जांच की तो एडमिशन से जुड़े साथ दस्तावेज की फर्जी निकले। इसके साथ ही शिवम का दाखिला भी नहीं कराया गया था। उन्होंने इसकी शिकायत आरोपियों से की तो आरोपियों ने उनसे और 2 लाख रुपए की डिमांड की और कहा कि यदि वह पैसे नहीं देंगी तो उनके बेटे के सारे दस्तावेज फेंक दिए जाएंगे।
पीड़िता ने बताया कि फोन पर उन्हें गालियां दी गई और अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की भी धमकी दी है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया जा रहा है। प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि यह एक संगठित गिरोह है और भारत में रहकर एडमिशन के नाम पर वसूली करता है। पुलिस ने बताया कि जल्दी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।