
वाराणसी. यूपी विधानसभा की तरह नगर निगम चुनाव में भी बीजेपी दांव खेल सकती है। यूपी विधानभा २०१७ में बीजेपी ने किसी मुस्लिम को टिकट नहीं देकर हिन्दू कार्ड खेला था। नगर निगम चुनाव में भी पार्टी इसी समीकरण को लागू करने की तैयारी में है। बीजेपी जानती है कि सपा, कांग्रेस व बसपा का टिकट मुस्लिम प्रत्याशियों को मिलेगा। ऐसे में बीजेपी इस मौके को भुनाने की तैयारी में है।
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बीजेपी की नगर निगम प्रत्याशियों की सूची गुरुवार को रात तक जारी हो सकती है। बनारस की बात की जाये तो यहां पर बीजेपी इसी दांव को खेलने की तैयारी की है। हालांकि पार्टी स्तर से इस योजना को खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों की माने तो बीजेपी हिन्दू प्रत्याशी ही मैदान में उतराने की तैयारी में है। वर्ष २०१२ में हुए नगर निगम चुनाव में लगभग डेढ़ दर्जन मुस्लिम सभासद थे, जिसमे सबसे अधिक संख्या सपा के मुस्लिम सभासदों की थी। इसके बाद बसपा व कांग्रेस का नम्बर आता है।
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दो दर्जन सीटों पर निर्णायक है मुस्लिम वोट
नगर निगम की दो दर्जन ऐसी सीट है, जहां पर मुस्लिम वोटरों का मत निर्णायक होता है। बीजेपी यदि मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतराती है तो पार्टी को मुस्लिम वोट मिलेगा कि नहीं। इस पर संशय रहेगा। ऐसे में यूपी चुनाव से लेकर अब तक बीजेपी हिन्दू कार्ड की खेल रही है, जिससे मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट देने की संभावना बहुत कम है।
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बीजेपी की नजर महिलामुस्लिम मतदाताओं पर
बीजेपी की नजर महिला मुस्लिम मतदाताओं पर टिकी हुई है। बीजेपी ने अपना वायदा पूरा करते हुए एक बार में तीन तलाक देने वाली प्रथा को बंद करने का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया था जिसके बाद एक बार में तीन तलाक को अवैध घोषित कर दिया है। बीजेपी को विश्वास है कि तीन तलाक पर मिली जीत से खुश मुस्लिम महिलाओं को वोट उन्हें मिलेगा। ऐसा हुआ तो बीजेपी को अन्य दल से सबसे अधिक लाभ मिलेगा।
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