वाराणसी

पीएम मोदी की तरह बसपा सुप्रीमो मायावती का बयान साबित हो सकता मास्टर स्ट्रोक

परम्परागत वोटरों को इशारो में दिया बड़ा संदेश, जानिए क्या है कहानी
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Updated: 24 Oct 2017, 8:11 PM IST
बसपा सुप्रीमो मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती

वाराणसी. देश की राजनीति में दिग्गज नेताओं का बयान बड़ा महत्व रखता है। यूपी चुनाव २०१७ में फतेहपुर में पीएम मोदी ने कब्रिस्तान व शमशान को लेकर जो बयान दिया था उसी से चुनाव का रुख मुड़ गया था। पीएम मोदी का बयान मास्टर स्ट्रोक साबित हुआ था इसी तरह मायावती ने मंगलवार को आजमगढ़ में बड़ा बयान देकर भविष्य के राजनीति की नींव तैयार की है।
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बसपा सुप्रीमो ने आजमगढ़ में कहा कि यदि हिन्दू धर्माचार्य नहीं सुधरे तो बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की तरह बौद्ध धर्म अपनाना होगा। बसपा सुप्रीमो मायावती के इस बयान को मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। देश व यूपी की राजनीति में बसपा इस समय हाशिये पर चल रही है, जिसकी मुख्य वजह दलित वोटरों का बसपा से दूर होकर बीजेपी की तरफ जाना है। बीएसपी सुप्रीमो ने इन्हीं वोटरों को फिर से अपने साथ लाने के लिए ही यह बयान दिया है। आम भाषा में समझा जाये कि यदि मायावती बौद्ध धर्म अपना लेती है तो किसी राजनीति दल का क्या नुकसान होगा। बीएसपी के विरोधी दल तो फायदे में आ जायेंगे। अब सवाल उठता है कि मायावती ने यह बयान क्यों दिया।
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बसपा सुप्रीमो ने बयान देकर कही दूर की बात
बसपा सुप्रीमो ने बयान देकर दलित वोटरों को दूर की बात बनायी है। इतिहास को माने तो हिन्दू धर्म में जाति को लेकर भेदभाव के चलते ही बाबा साहब अम्बेडकर ने बौद्ध धर्म अपनाया था। समय के साथ व्यवस्था में परिवर्तन हो चुका है, लेकिन मायावती ने अपने बयान के जरिए बताया कि देश व यूपी में बीजेपी की वापसी से वही समय लौट आया है। मायावती के इशारों को समझे तो यूपी में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद बीजेपी ने एक महंत को यूपी का सीएम बनाया है। इसस साफ है कि बीजेपी के राज में बाबा साहब अम्बेडकर के समय चलने वाले महंत युग की वापसी हो सकती है और दलित लोगों को बौद्ध बनने के लिए तैयार रहना चााहिए।
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बीजेपी को दलित विरोधी साबित करने की तैयारी
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने लगातार बीजेपी को दलित विरोधी साबित करने का प्रयास किया है। रोहित वेमूला, सहारनपुर जातीय हिंसा, जेएनयू प्रकरण, दयाशंकर सिंह का बयान आदि ऐसे कई मौके थे जिस पर बसपा सुप्रीमो ने दलित विरोधी या दलित बेटी विरोधी बता कर भगवा पार्टी पर हमला का मौका नहीं छोड़ा था। इसी क्रम में आजमगढ़ में मायावती ने बयान देकर बीजेपी पर हत्या करने की साजिश रचने का तक आरोप लगा दिया है और बौद्ध धर्म का बयान देकर अपने समाज को बताया है कि बीजेपी का साथ नहीं छोड़ा तो धर्म बदलना पड़ सकता है।
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