चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव में ग्रामीण और पुलिस के बीच झड़प हुई है। इस झड़प में एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना समेत कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। वहीं पुलिस ने बल प्रयोग करके ग्रामीणों को खदेड़ दिया है...
वाराणसी: चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव में ग्रामीण और पुलिस के बीच झड़प हुई है। इस झड़प में एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना समेत कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। वहीं पुलिस ने बल प्रयोग करके ग्रामीणों को खदेड़ दिया है। घटना की जानकारी होने के बाद कई थानों की फोर्स और डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार भी मौके पर पहुंच गए हैं। फिलहाल घायल पुलिस कर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
बताया जा रहा कि अंबेडकर जयंती के दिन दलित समाज के लोगों ने बटुक भैरवनाथ मंदिर के गेट पर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का झंडा लगा दिया था। इसके बाद अगले दिन ग्रामीणों को जानकारी हुई कि भगवा झंडा हटा दिया गया है। जानकारी होने के बाद आक्रोश फैल गया और लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। घटना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची ने हालात को संभाला।
इस दौरान पुलिस ने दोबारा से भगवा झंडा लगवा दिया जिसके बाद वहां हिंदू संगठन के लोग पहुंचे और गेट पर अंबेडकर का झंडा लगाए जाने का विरोध जताया। पुलिस ने झंडा हटवा कर मामले को शांत करवा दिया। इसी बीच बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के पोस्टर जलाने की अफवाह भी फैला दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया।
इस घटना के बाद शुक्रवार की सुबह दलित समाज के लोग इकट्ठा हुए और विरोध प्रदर्शन करना शुरू किया। लोगों की मांग थी कि गेट पर वापस बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का ध्वज स्थापित किया जाए। घटना की जानकारी होने के बाद चोलापुर समेत कई थानों की फोर्स और एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना भी मौके पर पहुंचे।
इसी दौरान दलित समाज के लोग नारेबाजी करने लगे और आक्रोषित हो उठे। बताया जा रहा है कि दलित समाज की तरफ से पुलिस पर पथराव कर दिया गया, जिसमें एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना समेत कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। वहीं, मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई स्थानों की फोर्स और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी पहुंचे हुए हैं।