वाराणसी

कभी मायावती ने बसपा सांसद रहे इस बाहुबली को भेजवाया था जेल, अब किस पार्टी से मिलेगा टिकट

राजनीतिक परिदृश्य से गायब हो रही धनंजय सिंह, लोकसभा चुनाव में फिर दिखा सकते हैं दम
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Updated: 1 May 2018, 4:54 PM IST
mayawati
Mayawati

वाराणसी. लोकसभा चुनाव 2019 बेहद दिलचस्प होगा। इस चुनाव में बीजेपी को रोकने के लिए सभा व बसपा ने गठबंधन करने की बात की है जबकि इस बात की पूरी संभावना है कि इस गठबंधन मे कांग्रेस भी शामिल हो सकती है। ऐसे में गठबंधन से टिकट लेने के लिए किसी भी नेता को बड़ी मेहनत करनी होगी। इन परिस्थितियों में उन बाहुबलियों का क्या होगा, जो कभी सपा या बसपा के साथ मौका देकर जुड़ जाते थे। यूपी की सीएम रहते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने बाहुबली संासद को बुला कर पुलिस के हवाले कर दिया था अब इस बाहुबली को किस पार्टी से टिकट मिलता है इसकी चर्चा शुरू हो गयी है।
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हम बात कर रहे हैं जौनपुर के पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह की। धनंजय सिंह ने वर्ष 2009 में बसपा के टिकट से संसदीय चुनाव जीता था उसके बाद नौकरानी हत्याकांड में पूर्व पत्नी के साथ धनंजय सिंह का नाम सामने आया था जिसके बाद यूपी की तत्कालीन सीएम मायावती ने धनंजय सिंह को बुलाया था और पुलिस के हवाले कर दिया था। इस घटना की सियासी जगत में जमकर चर्चा हुई थी। राजनीतिक परिदृश्य में इन समय धनंजय सिंह बहुत सक्रिय नहीं दिख रहे हैं लेकिन इतना तो साफ है कि संसदीय चुनाव 2019में एक बार फिर यह बाहुबली अपनी ताकत दिखाने के लिए मैदान में उतरेगा।
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वर्तमान समय में जौनपुर के सांसद कृष्ण प्रताप सिंह है जो बीजेपी के टिकट से चुनाव जीते हैं। बीजेपी इस सीट पर किसे प्रत्याशी बनाती है इसको लेकर अभी कोई खुलासा नहीं हुआ है। यूपी चुनाव 2017 में बीजेपी ने धनंजय सिंह को बाहुबली बताते हुए एक पोस्टर जारी किया था जिसको लेकर जमकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला था। ऐसे में धनंजय सिंह को बीजेपी से टिकट मिलने की बहुत ही कम संभावना है। बसपा, सपा व कांग्रेस से में से किस पार्टी को जौनपुर सीट मिलती है इसके बाद ही गठबंधन के प्रत्याशी का नाम तय हो पायेगा। ऐसे में धनंजय सिंह के लिए चारों प्रमुख दल का टिकट मिलना अभी बहुत कठिन है। धनंजय सिंह को छोटे दल का सहारा मिल सकता है या लोकसभा चुनाव में परिस्थिति बदली तो ही किसी बड़े दल का बाहुबली क्षत्रिय नेता धनंजय सिंह का साथ मिल सकता है।
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