
वाराणसी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का 39 वा दीक्षांत समारोह बेहद खास होने वाला है। 10 अक्टूबर को होने वाले दीक्षांत समारोह में छात्रों को मिशन मंगल को सफल बनाने वाले इसरो के पूर्व प्रमुख पद्मभूषण डा. के.राधाकृष्णन से सफलता के टिप्स मिलेंगे। इसरो ने मंगल मिशन को फतह करके दुनिया में अपनी प्रतिभा का डंका बजा दिया था। दीक्षांत समारोह में इस बार भी छात्राओ का ही दबदबा रहेगा। मेडल से लेकर डिग्री पाने में छात्राओ की संख्या छात्रों से बहुत अधिक है। सोमवार को वीसी डा.पी. नाग से समारोह से जुड़ी जानकारी मीडिया के संग साझा की।
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वीसी डा. पी नाग ने बताया कि विश्वविद्यालय का ३९ वा दीक्षांत समारोह बेहद खास होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि इसरो के पूर्व प्रमुख पद्मविभूषण डा. के. राधाकृष्णन व अध्यक्षता राज्यपाल राम नाइक करेंगे। दीक्षांत समारोह के लिए भव्य पंडाल बनाया गया है। बाहर से संसद भवन जैसा दिखने वाला पंडाल के अंदर इसरो की उपलब्धि के साथ भारतीय संगीत की झलक दिखायी देगी। इसके अतिरिक्त पंडाल में पूर्व वीसी की भी फोटो लगायी गयी है।
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मेडल से लेकर डिग्री तक में छात्राओं का दबदबा
वीसी डा.पी नाग ने बताया कि हम पहले ही चाहते थे कि परिसर में छात्राओं की संख्या में बढ़ोतरी हो। हम लोगो का सपना पूरा हो रहा हैै और छात्राओं की संख्या बढऩे के साथ मेडल व डिग्री में उनका दबदबा हो गया है, जो भविष्य के लिए अच्छा संकेत हैं। वीसी ने कहा कि दीक्षांत समारोह में इस बार ५९ छात्र व छात्राओं को गोल्ड मेडल दिया जायेगा। सूची में दो खिलाड़ी भी शामिल है। इसके अतिरिक्त ९९ हजार ९८३ छात्र व छात्राओं को यूजी व पीजी में डिग्री दी जायेगी। इसके अतिरिक्त ३९ छात्र व छात्राओं को शोध उपाधि भी मिलेगी। पत्रकार वार्ता में पं मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक प्रो.ओमप्रकाश सिंह, चीफ प्राक्टर प्रो.शम्भु उपाध्याय व कुलसचिव ओमप्रकाश उपस्थित थे।
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सूची में 75 प्रतिशत छात्राओं का नाम
59 लोगों के नाम की मेडल सूची में छात्राओं की संख्या 41 है, जबकि छात्रों की संख्या 18 है। इसी क्रम में यूजी व पीजी के कुल 99 हजार 893 छात्र व छात्राओं को डिग्री दी जायेगी। इसमे छात्रों की संख्या 42 हजार 575 है, जबकि छात्राओं की संख्या 57 हजार 318 है। स्नातक स्तर में कुल 84५ हजार 144 छात्र व छात्राओं की डिग्री मिलेगी। इसमे छात्रों की संख्या 37 हजार 898 है और छात्राओं की संख्या 47 हजार 246 है। पीजी में डिग्री लेने वालों की संख्या 14 हजार 749 है इसमे छात्रों की संख्या 4 हजार 677 व छात्राओं की संख्या 10 हजार 072 है। शोध की बात की जाये तो छात्राओं की संख्या २० है और छात्रों की 19। आंकड़ों से साफ हो जाता है परिसर व संबद्ध कालेजों में छात्राओं ने छात्रों को पीछे छोड़ दिया है।
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