
वाराणसी. यूपी में नगर निगम चुनाव से पहले ही बीजेपी की भगवा सेना को तगड़ा झटका लगा है। नगर निगम चुनाव की तैयारी में जुटी बीजेपी के लिए यह किसी सदमे से कम नहीं है। इस चुनाव को बीजेपी के एक राज्यमंत्री ने अपनी प्रतिष्ठा बना लिया था इसके बाद भी भगवा सेना को हार मिली। इस चुनाव में सबसे अधिक फायदा सपा को हुआ है। सपा से बागी हुए दो प्रत्याशियों के साथ समाजवादी छात्रसभा व कांग्रेस के संयुक्त पैनल के भी दो प्रत्याशी चुनाव जीत गये हैं।
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी का सुपड़ा साफ हो गया है। बनारस के सबसे बड़े शासकीय विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। युवा वर्ग का रुझान किस पार्टी के साथ होता है इसका पैमाना भी छात्रसंघ चुनाव को मान सकते हैं। एबीवीपी ने वाल्मिकी उपाध्याय को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया था, जबकि उपाध्यक्ष पद पर दयाशंकर यादव, महामंत्री पद पर अंकिता सिंह व पुस्तकालय मंत्री पद पर सर्वेश पाठक को टिकट दिया था। सपा के समाजवादी छात्रसभा ने वरुण यादव को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पद पर रोशन कुमार, महामंत्री पद पर विपिन यादव व पुस्कालय मंत्री पद पर रवि प्रताप सिंह को प्रत्याशी बनाया था। कांग्रेस के छात्र संगठन राष्ट्रीय छात्र संगठन ने सपा को अपना समर्थन देकर चुनाव को दिलचस्प बना दिया था। सपा से बागी होकर राहुल दुबे ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पद पर व महामंत्री अनिल यादव ने चुनाव लड़ा था। इनको विद्यार्र्र्थी परिषद् व सपा के एक गुट का भी समर्थन था। चुनाव परिणाम के बाद एबीवीपी का सुपड़ा साफ हो गया। सपा के दोनों बागी राहुल दुबे अध्यक्ष व अनिल यादव ने महामंत्री पद पर बंपर वोटों से जीत दर्ज की। बाकी दो पदों पर सपा के उपाध्यक्ष रोशन कुमार व पुस्तकालय मंत्री रवि प्रताप सिंह ने जीत कर बीजेपी के राज्यमंत्री को तगड़ा झटका दिया है।
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एबीवीपी की हो रही लगातार हार
जेएनयू, दिल्ली विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बाद काशी विद्यापीठ में भी एबीवीपी को करारी शिकस्त मिली है। इन सभी जगहों पर कांग्रेस व सपा को जीत मिली है, जिससे पता चलता है कि छात्र राजनीति से एबीवीपी का प्रभाव कम होता जा रहा है।
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बंपर रहा हार-जीत का अंतर
सपा के बागी राहुल दुबे को 2365 मत मिले हैं, जबकि एबीवीपी के वाल्मिकी उपाध्याय को 1393 वोट ही मिले। इससे राहुल दुबे ने एबीवीपी प्रत्याशी को972२ वोट से हराया। उपाध्यक्ष पद पर सपा के बागी रोशन कुमार को 3185 मत मिले हैं, जबकि एबीवीपी के प्रत्याशी दयाशंकर यादव को मात्र 1448 मत मिले हैं। हार-जीत का अंतर 1727 रहा। महामंत्री पद पर सपा के बागी अनिल यादव को 2842 मत मिले। एबीवीपी की अंकिता सिंह को 1690 मत मिले। हार-जीत का अंतर1152 रहा। पुस्तकालय मंत्री पद पर सपा के रवि प्रताप सिंह ने 2084मत लाकर एबीवीपी के सर्वेश पाठक को 631 वोटों से हराया। सर्वेश को 1453 मत ही मिले थे।
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