वाराणसी

अन्ना हजारे से मिलने के बाद इन युवाओं को मिली नयी शक्ति, कहा नहीं देखा ऐसा गांव

काशियाना फाउंडेशन ने अपने गोद लिए गांव में आने का दिया आमंत्रण, जानिए क्या है कहानी
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Updated: 21 Jun 2018, 3:30 PM IST
Anna Hazare
Anna Hazare

वाराणसी. काशियाना फाउंडेशन के संस्थापक सुमित सिंह व उनके सहयोगियों ने महाराष्ट्र जाकर समाजसेवी अन्ना हजार से मुलाकात कि है। युवाओं ने जब दो दिन तक अन्ना हजारे के गांव रालेगण में घूम कर देखा तो दंग रह गये। सुमित सिंह ने बताया कि पूरा गांव नशा मुक्त है और सारे लोग सेल्फ डिपेंड है। समाजसेवी का गांव देश के लिए प्रेरणास्रोत है।
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सुमित सिंह ने बताया कि हम लोगों ने भी नशा मुक्त करने का अभियान चलाया हुआ है और पहली बार ऐसा गांव मिला है जो नशा मुक्त है तो हमारा हौसला और बढ़ गया है। अब अधिक मेहनत के साथ नशा मुक्त मुहिम को चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे ने हम लोगों से कहा कि देश के लिए युवा शक्ति बेहद अहम है। युवा चाहे तो इस देश की तस्वीर बदल सकते हैं। युवाओं को समाज के लिए कुछ अलग करना चाहिए। सुमित सिंह ने बताया कि अन्ना हजारे से बनारस में गोद लिए गांव शिवदासपुर में आने का आमंत्रण दिया गया है। साथ ही नवम्बर या दिसम्बर में बनारस में ही नशा मुक्ति के लिए एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा। इस संगोष्ठी में भाग लेने के लिए भी अन्ना हजारे का आमंत्रण दिया है जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। अन्ना हजारे से मिलने वालों में आशीष राय, सुजीत तिवारी, प्रवीण तिवारी आदि सदस्य शामिल थे।
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2700 है अन्ना हजारे के गांव की आबादी
सुमित सिंह ने बताया कि अन्ना हजारे के गांव की आबादी 2700 है और वहां के युवा नशा मुक्ति को लेकर बेहद जागरूक है इसलिए वहां पर कोई नशा नहीं करता है। इसके अतिरिक्त सभी किसी ने किसी व्यवसाय या नौकरी से जुड़े हुए हैं जिसके चलते वहां पर बेरोजगारी नहीं है। सभी गांव ऐसा हो जायेगा तो देश की तस्वीर ही बदल जायेगी।
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