
वाराणसी. छठ पूजा में यातायात प्रतिबंध के चलते एक दरोगा व वकील में आवागमन को लेकर हुई नोकझोंक सोमवार को भारी पड़ गयी। कचहरी में सरकारी कार्य से पहुंचे दरोगा को नाराज वकीलों ने देख लिया। वकीलों ने खुन्नस निकलते हुए दरोगा की पिटाई करने के बाद उसे बंधक बना लिया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने दरोगा को निलंबित करने का आश्वासन दिया तब जाकर अधिवक्ताओं ने दरोगा को छोड़ा। इस दौरान कचहरी में हंगामे की स्थिति बनी रही।
यह भी पढ़े:-काशी विद्यापीठ छात्रसंघ चुनाव में गुटबाजी हावी, एक दूसरे को हराने में जुटे प्रत्याशी
छठ पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कुछ मार्ग पर यातायात प्रतिबंध था। इसी दौरान वहां पर बजरडीहा चौकी प्रभारी भी ड्यूटी कर रहे थे। मार्ग पर जाने को लेकर बजरडीहा चौकी प्रभारी व एक अधिवक्ता में नोकझोंक हो गयी। चौकी प्रभारी का कहना था उस मार्ग पर प्रतिबंध था इसलिए किसी को जाने नहीं दिया गया। अधिवक्ता का कहना था कि उसके साथ दुव्र्यहार किया गया था। यह बात तो उस समय खत्म हो गयी थी लेकिन जब सरकारी काम से चौकी इंचार्ज कचहरी पहुंचे तो इसकी सूचना वकील को हो गयी। दरोगा को देखते ही वकील भड़क गये। दरोगा ने वकील से माफी मांगी और ड्यूटी पर होने का हवाला दिया। इसके बाद भी वकीलों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। वकीलों ने दरोगा की पिटाई की और बंधक बना लिया। कचहरी में हंगामे की जानकारी मिलते ही एसपी सिटी, कैंट सीओ व कैंट पुलिस मौके पर पहुंच गयी।
यह भी पढ़े:-नगर निगम चुनाव से पहले सपा को झटका, कद्दावर मुस्लिम नेता ने इस पार्टी का नहीं छोड़ा साथ
वकीलों ने कार्रवाई की मांग की, अधिकारी ने दिया आश्वासन
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वकीलों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुए। वकीलों का आरोप था कि दरोगा ने उनके साथ दुव्र्यहार किया था इसलिए उसे निलंबित किया जाये। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी दिनेश सिंह ने दरोगा को निलंबित करनेक आश्वासन दिया तब जाकर अधिवक्ता माने। इसके बाद पुलिस ने दरोगा को वकीलों से मुक्त कराया और अपने साथ ले गये। पत्रिका से एसपी सिटी ने बताया कि उन्होंने दरोगा को निलंबित करने की संस्तुति कर दी है। मामले की जांच कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी।
यह भी पढ़े:-यूपी कालेज प्रशासन पर नियमो की अनदेखी करके संविदा पर शिक्षकों की नियुक्ति करने का आरोप