
वाराणसी. लोकसभा चुनाव 2019 में सपा व बसपा गठबंधन होने से बीजेपी को नुकसान हो सकता है। भगवा दल भी इस बात को जानता है। विरोधी दलो के गठबंधन में कांग्रेस भी शामिल हो जाती है तो स्थिति और खराब हो सकती है। बीजेपी ने महागठबंधन की काट खोजने की रणनीति पर काम भी शुरू कर दिया है। पांच वह बड़े कारण है जिससे बीजेपी परेशान हो सकती है।
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1-मतो का बिखराव नहीं
महागठबंधन होने से मतों का बिखराव नहीं होगा। बीजेपी विरोधी वोट सीधे महागठबंधन को मिलेंगे। इससे भगवा दल की परेशानी बढ़ सकती है। पहले बीजेपी से नाराज वोटर राहुल गांधी, अखिलेश यादव व मायावती की पार्टी में जाते थे जिससे मतो का बिखराव होता था और बीजेपी चुनाव जीत जाती थी। इस बार की कहानी अलग हो सकती है। बीजेपी कभी नहीं चाहती है कि उसे किसी दल से सीधा मुकाबला करना पड़े। ऐसे में महागठबंधन होने की स्थिति में बीजेपी से उसका सीधा मुकाबला हो जायेगा।
2-संसाधन जुटाने में होगी आसानी
चुनाव सिर्फ भाषण व विकास के एजेंडे पर नहीं जीता है चुनाव जितने के लिए राजनीतिक दलों के पास संसाधन भी होने चाहिए। महागठबंधन होने पर संसाधन की कमी नहीं रह जायेगी। एक लोकसभा क्षेत्र में महागठबंधन का एक ही प्रत्याशी होगा। ऐसे में सभी दल के कार्यकर्ता व नेता उसका प्रचार करेंगे तो संसाधन की कमी नहीं होगी।
3-बागियों की निकल जायेगी हवा
महागठबंधन होने पर तीनों दल में बगावत की सोच रहे नेताओं की हवा निकल जायेगी। पहले होता था कि कांग्रेय, सपा या बसपा से नाराज हुए नेताओं को एक-दूसरे दल का सहारा मिल जाता थ लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। यदि किसी नेता को महागठबंधन होने से नाराजगी भी होगी तो वह बगावत करने से पहले सोचेगा। यदि वह बगावत कर भी देता है तो निर्दल चुनाव लडऩे का ही विकल्प बचेगा।
4-पिछड़ों व दलित को हो जायेगा गठजोड़
महागठबंधन होने स पिछड़ो व दलितों को गठजोड़ हो जायेगा। बीजेपी के लिए यही सबसे परेशानी का कारण है। सपा व बसपा का अपना कैडर वोटर है जिसे तोडऩा किसी दल के लिए आसान नहीं होता है यदि दोनों दलों में गठजोड़ हो जाता है तो ओबीसी व एससी में शामिल अन्य जातियों को बीजेपी से तोड़ कर महागठबंधन में जोडऩे में आसानी होगी।
5-मुस्लिम वोटों का होगा सबसे अधिक फायदा
अभी तक मुस्लिम वोटर सपा, बसपा, कांग्रेस के साथ बीजेपी के साथ भी जाते थे लेकिन मुस्लिम वोटरों का बड़ा तबका उसी दल में जाना जाता है जो बीजेपी को हराने की क्षमता रखता हो। ऐसे वोटरों के लिए यह तय करना आसान नहीं होता था कि कौन सा विरोधी दल बीजेपी को पटखनी दे सकता है। इसके चलते मुस्लिम वोटर सपा, बसपा व कांग्रेस में बंट जाते थे लेकिन महागठबंधन होने पर ऐसा नहीं होगा। मुस्लिम वोटरों को बड़ा प्रतिशत सीधे महागठबंधन को मिलेगा, जिससे बीजेपी को नुकसान होना तय है।
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