ज्ञानवापी प्रकरण पर मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी का बड़ा बयान आया है। इसमें उन्होंने कहा है कि, मस्जिदें खतरे में है। नित दावा पेश किया जा रहा है। ज्ञानवापी के साथ ही पंचगंगा घाट स्थित धरहरा मस्जिद पर भी कोर्ट में याचिका दायर की गई है। उन्होंने समुदाय के लोगों को अल्लाह की इबादत में ध्यान लगाने की सलाह दी है।
वाराणसी. ज्ञानवापी प्रकरण में मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि मस्जिदें, ईदगाह, खानकाह खतरे में हैं। कहा कि एक तरफ जिला जज की अदालत में ज्ञानवापी का मसला विचाराधीन है ही तभी पंचगंगा घाट स्थित धरहरा मस्जिद का मामला भी सामने आ गया। इसके लिए भी अदालत में याचिका दायर कर दी गई है। देश भर से रोजाना इस तरह की खबरें आ रही हैं। हर मस्जिद के मंदिर होने का दावा किया जा रहा है। इतना ही नहीं धर्म पूछ कर लोगों को पर हमले हो रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने मध्य प्रदेश में एक युवक पर हुए हमले का उदाहरण पेश किया है। बताया जा रहा है कि ये सारी बातें उन्होंने जुमे की नमाज से पूर्व तकरीर के दौरान कही हैं।
हुकूमत का गुमान बहुत दिन नहीं रहता
मुफ्ती-ए-बनारस ने कहा है कि हुकूमत के गुमान में कुछ बुरे लोग जुल्म ढा रहे हैं। ये भी कहा कि ये सब अल्लाह देख रहा है। कहा कि कई हुकूमतें आईं और चली गईं। हुकूमत का गुमान एक न एक दिन टूटता ही है। उन्होंने समुदाय के लोगों से कहा कि जब कभी हम कष्ट में होते हों, हम पर किसी तरह की मुसीबत आए, हमें ये देखना चाहिए कि हमसे कहां गल्ती हो रही है। अल्लाह पाक हमारी गल्ती से नाराज है। कहा कि यदि हमें लगता है कि हम पांचों वक्त की नमाज पढ रहे हैं कुरान पाक की तिलावत कर रहे हैं कोई भी बुरा काम नहीं कर रहे तो यह मान लेना चाहिए कि अल्लाह पाक हमरा इम्तिहान ले रहा है। इससे तनिक भी घबराना नहीं चाहिए। अगर कही किसी स्तर पर गल्ती हो रही है तो अल्लाह पाक से माफी मांगनी चाहिए और फौरन उसे त्याग देना चाहिए।