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सांसद बनने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने बदल दी काशी की सूरत! धर्म नगरी मॉडल शहर बनी, हजारों करोड़ से बदली तस्वीर

PM Narendra Modi news: 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद काशी की सूरत बदलने लगी। अब तक 56 हजार करोड़ की परियोजनाओं से काशी का कायाकल्प किया जा चुका है। तंग गलियों वाला शहर अब चौड़ी सड़कों में तब्दील हो चुका है।

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Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Prime minister Narendra Modi constituency news: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम के आगे एक और रिकॉर्ड जुड़ गया है। वह अब तक के कार्यकाल में सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री के पद पर बने रहने वाले पीएम बन चुके हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4399 दिन तक इस पद पर रहने वाले प्रधानमंत्री बन चुके हैं, जबकि पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम 4398 दिन का रिकॉर्ड दर्ज था। उनसे पहले डॉ मनमोहन सिंह 3656 दिन, इंदिरा गांधी 4077 दिन और अटल बिहारी वाजपेई 2256 दिन प्रधानमंत्री पद पर रह चुके हैं।

56 हजार करोड़ से बदली तस्वीर

सन 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान पूरे देश ने अपने-अपने क्षेत्र के लिए एक सांसद चुना, लेकिन काशी की जनता ने सांसद के साथ ही देश का होने वाला प्रधानमंत्री भी चुन लिया। इसके बाद काशी की सूरत बदलने लगी। अब तक 56 हजार करोड़ की परियोजनाओं से काशी का कायाकल्प किया जा चुका है। तंग गलियों वाला शहर अब चौड़ी सड़कों में तब्दील हो चुका है। मंदिरों के आसपास अतिक्रमण नहीं बल्कि कॉरिडोर का निर्माण हो गया है। पर्यटकों के लिए घाट का सुंदरीकरण और सड़कों का सुंदरीकरण किया जा रहा है। ऐसे में पुरानी काशी अब आधुनिक शहर के रूप में निखर कर सामने आई है।

2014 से पहले काशी की गलियां तंग थी। इसके साथ ही पूरा शहर तारों के जंजाल से पटा हुआ था। काशी में हमेशा ही हादसों का डर बना रहता था, यहां तक कि पीने का शुद्ध पानी और सीवर की भी व्यवस्थाएं नहीं थी। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को तंग गलियों से होकर मंदिर पहुंचना पड़ता था। एक हजार लोगों की भीड़ होने पर भी मंदिर में अफरा तफरी का माहौल हो जाता था। वहीं, घाटों पर ना बैठने की व्यवस्थाएं थी ना ही बिजली की। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु एक बार आने के बाद दोबारा आने से कतराते थे, लेकिन अब परिस्थिति बदल चुकी है।

किया गया सुंदरीकरण का कार्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 वर्षों में काशी को 56 हजार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात दी है, जिसमें सड़कों का चौड़ीकरण, बाबतपुर एयरपोर्ट फोरलेन का चौड़ीकरण, बनारस स्टेशन के सुंदरीकरण और प्लेटफार्म की संख्या बढ़ाने को लेकर किया गया कार्य। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण, काशी हिंदू विश्वविद्यालय में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण आदि शामिल है। यही नहीं रिंग रोड परियोजना के तहत काशी में ट्रैफिक के जंजाल को भी खत्म करने का कार्य किया गया है।

20 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर कार्य जारी

बता दें की काशी में 2019 तक पूरा होने वाले 20 हजार करोड़ के परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इसमें सबसे मुख्य आकर्षण का केंद्र है वाराणसी अर्बन रोपवे प्रोजेक्ट है। बताया जा रहा है कि यह देश का पहला पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे होगा जो वाराणसी रेलवे स्टेशन को काशी विश्वनाथ धाम से जोड़ेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि वाराणसी रेलवे स्टेशन से काशी विश्वनाथ मंदिर तक जाने के लिए कोई ट्रांसपोर्ट का साधन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यह रोपवे यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगा। इसके साथ ही ट्रैफिक जाम से भी मुक्ति दिलाएगा।

वहीं, गंजारी में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की तस्वीर भी निकाल कर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि यह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का काम जल्द ही कार्यदाई संस्था द्वारा पूरा कर लिया जाएगा और इसकी सौगात काशी के लोगों को मिलेगी। इसका डिजाइन भगवान भोलेनाथ के त्रिशूल और डमरू की थीम पर आधारित है। इसके अलावा शहर के अलग-अलग हिस्सों में टाउनशिप योजना की शुरुआत भी की गई है, जिसमें आनंद काशी टाउनशिप और स्पोर्ट्स सिटी टाउनशिप परियोजना शामिल है। बताया जा रहा है कि यह टाउनशिप योजना पूरी तरीके से हाईटेक है। इसमें स्कूल, कॉलेज, जिम और सभी तरह की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

क्या बोले वरिष्ठ पत्रकार

काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार अरुण मिश्रा ने बताया कि काशी की सूरत पहले से बेहतर हुई है और हमें उम्मीद है कि आने वाले सालों में इसकी सूरत में और अधिक बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यहां से सांसद बनने के बाद शहर का चौतरफा विकास हुआ। सिर्फ केंद्र नहीं बल्कि राज्य सरकार ने भी शहर के विकास के लिए कई परियोजनाएं चलाई, जिसकी बदौलत देश और दुनिया में काशी को एक मॉडल शहर के रूप में जाना जाता है। वहीं, धर्म और आध्यात्मिक के साथ-साथ पर्यटन को भी ध्यान में रखते हुए इसका विकास किया गया है।