27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भूटान को जमीन उपलब्ध कराएगा भारत, वाराणसी में बनेगा मंदिर और गेस्ट हाउस, जानें कितना होगा किराया

Varanasi news : वाराणसी में भूटान के मंदिर और गेस्ट हाउस के लिए सरकार ने जमीन के आवंटन पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत उत्तर प्रदेश सरकार मंदिर और गेस्ट हाउस के लिए भूटान सरकार को जमीन उपलब्ध कराएगी...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

वाराणसी

•

image

Vijendra Mishra

•

Updated: 10 Jun 2026, 10:29 PM IST

Indo-bhutan news

Pc-Patrika

Butan and India news : भारत और भूटान के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को ऊंचाई देने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बुधवार को उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। समझौते के तहत, वाराणसी में बौद्ध मंदिर एवं गेस्ट हाउस निर्माण के लिए भूटान सरकार को दो एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच धार्मिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी मजबूत करेगी।

प्रदेश सरकार के स्तर पर भूमि संबंधी डीड पर हस्ताक्षर पर्यटन विभाग के विशेष सचिव मृदुल चौधरी और भूटान सरकार की प्रतिनिधि और उप प्रमुख मिशन सुश्री ताशी पेल्डेन के बीच संपन्न हुई। वहीं, मंत्री-परामर्शदाता (वित्त) चिमी वांगमो तथा सेंट्रल मोनास्टिक बॉडी ऑफ भूटान के भारत-भूटान मठवासी मामलों के संयुक्त सचिव उगेन नामग्याल लीज समझौते के दौरान उपस्थित रहे। समझौते के तहत रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान को वाराणसी के तहसील पिंडरा, परगना कोलअसला स्थित अजईपुर में बौद्ध मंदिर और गेस्ट हाउस के निर्माण के लिए दो एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। विशेषकर भूटान से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

30 साल तक एक रुपए वार्षिक किराया

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि भारत और भूटान के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में यह साझेदारी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने भूटान सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी में बौद्ध मंदिर एवं अतिथि गृह के निर्माण के लिए 30 वर्ष की लीज पर भूमि उपलब्ध कराई है, जिसका वार्षिक किराया मात्र एक रुपए निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि यह परियोजना भविष्य में बौद्ध श्रद्धालुओं और भिक्षुओं के लिए महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित होगी।

मंत्री जयवीर सिंह ने आगे कहा कि 'उत्तर प्रदेश सरकार बौद्ध पर्यटन को विशिष्ट पहचान देने के लिए लगातार काम कर रही है। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास और संकिसा से लेकर कुशीनगर तक प्रमुख बौद्ध स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार का सकारात्मक असर दिख रहा है। देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, वहीं बौद्ध पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।'

भूटान संग दोस्ती का नया आयाम

जयवीर सिंह ने कहा कि, "यह परियोजना केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इसका उद्देश्य बौद्ध पर्यटन को नई गति देना तथा भूटान के साथ सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाना है।" उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से दुनिया भर से वाराणसी आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। साथ ही भारत और भूटान के बीच सदियों पुराने मैत्रीपूर्ण, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रिश्तों को भी नई मजबूती मिलेगी।