
वाराणसी. बसपा सुप्रीमो मायावती की रैली से बाहुबली मुख्तार अंसारी को तगड़ा झटका लग गया है। रैली को सफल बनाने के लिए मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने अपनी सारी ताकत लगा दी थी। इसके बाद भी मायावती की छवि के अनुसार रैली में भीड़ जमा नहीं हो पायी।
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने आजमगढ़ के रानी सराय चेकपोस्ट मैदान पर यूपी चुनाव २०१७ के समय भी रैली की थी। इस समय बसपा व उलेमा काउंसिल में चुनावी गठबंधन था उस समय रैली में भीड़ उमड़ी थी और मैदान भीड़ से भर गया था और सड़क भी रैली के भीड़ के चलते जाम हो गयी थी। यूपी चुनाव में बसपा को हार मिलने के बाद से ही पार्टी का जनाधार घटने लगा है। बसपा सुप्रीमो भी यह बात जानती है और इसलिए उन्होंने आजमगढ़ की रैली के जरिए अपनी ताकत दिखाने की कोशिश थी। रैली को सफल बनाने के लिए कुछ दिनों से बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने खास तैयारी की थी और अधिक से अधिक लोगों को रैली में लाने के लिए जनसम्पर्क किया था। इसके बाद भी आशा के अनुसार रैली में भीड़ नहीं हो पायी।
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किसी तरह भरा रैली का पंडाल
बसपा सुप्रीमो मायावती की रैली में किसी तरह से पंडाल भर पाया था। रैली में महिलाओं की संख्या ठीक थी। खास बात है कि रैली में उतनी संख्या में मुस्लिम वर्ग के लोग नहीं उमड़े थे जितना उम्मीद की गयी थी। अब्बास अंसारी के चलते ही वहां पर मुस्लिमों की कुछ भीड़ उमड़ पायी थी। रैली के बाद बसपा नेताओं में जोश का संचार हो गया होगा, लेकिन कम भीड़ ने उनकी समस्या को बढ़ा दिया है।
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नगर निगम चुनाव परिणाम बतायेगा बसपा की हकीकत
यूपी में नगर निगम चुनाव होने वाले हैं। आम तौर पर बसपा नगर निगम चुनाव से दूर रहती है। इसकी मुख्य वजह पार्टी का ग्रामीण क्षेत्र में जनाधान होना है और शहरी क्षेत्रों में बसपा की स्थिति बहुत अच्छी नहीं रहती है। बसपा ने इस बार नगर निगम चुनाव अपने सिंबल पर लडऩे का ऐलान किया है चुनाव परिणाम से बीएसपी की वर्तमान हकीकत का पता चलेगा कि पार्टी की का जनाधार घटा या बढ़ा है।
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