
Encounter in Varanasi: वाराणसी में एमएससी की छात्रा की हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि पकड़ा गया बदमाश मुख्य आरोपी का दोस्त है और वह छात्रा की हत्या के मामले में फरार चल रहा था। पुलिस ने दावा किया है की घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग की, जिसके बाद की गई जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लग गई। वहीं, मुख्य आरोपी की तलाश की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार की सुबह राजातालाब पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में एमएससी की छात्रा श्रेया उपाध्याय की हत्या में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, स्थानीय थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान बाइक पर सवार होकर आते दो लोग दिखाई दिए, जिन्हें रुकने का इशारा किया गया। पुलिस ने दावा किया है कि इस दौरान एक बदमाश पुनीत मिश्रा ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लग गई। वहीं, उसका साथी मौके से अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब हो गया है।
पुलिस ने बताया है कि बीते दिनों श्रेया उपाध्याय नामक एमएससी की छात्रा की हत्या के मामले में पुनीत मिश्रा भी फरार चल रहा था, जबकि इस हत्या का मुख्य आरोपी विवेक चौबे फिलहाल फरार है। पुलिस ने बताया है कि पुनीत मिश्रा राजातालाब के मऊ इलाके का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी के पास से .315 बोर का एक तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस भी बरामद किया गया है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज किया जा रहा है।
दरअसल 20 अगस्त को रोहनिया के बच्छाव इलाके से एमएससी की छात्रा श्रेया उपाध्याय का सड़ा-गला शव बरामद किया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि श्रेया की शादी कहीं और तय हो गई थी, जिससे नाराज मुख्य आरोपी विवेक चौबे ने उसे रोहनिया बुलाकर बाथरूम में उसकी हत्या कर दी। शव से बदबू आने के बाद आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इस मामले में मुख्य आरोपी विवेक चौबे अभी भी फरार है और पुलिस उसे पकड़ने के लिए प्रयास कर रही है। श्रेया अपने माता-पिता की इकलौती पुत्री थी।