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Japanese Delegates in Varanasi: जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में जापान से आया हुआ डेलिगेट्स काशी भ्रमण पर निकला हुआ है। इसी कड़ी में जापानी प्रतिनिधिमंडल ने कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में जापानी प्रतिनिधिमंडल के करीब 15 प्रमुख सदस्यों ने श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए और उनका आशीर्वाद लिया। मंदिर न्यास के एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि जापानी मेहमानों का मंदिर पहुंचने पर रुद्राक्ष की माला और अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया गया। मंदिर में जापानी मेहमानों को देखकर श्रद्धालुओं ने 'हर-हर महादेव' के उद्घोष के साथ उनका स्वागत किया। जापानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी श्रद्धालुओं के साथ 'हर-हर महादेव' का जयघोष किया। इस दौरान मंदिर परिसर में भारत-जापान के सांस्कृतिक संबंधों में आत्मीयता की सुंदर झलक देखने को मिली।
सावन के पवित्र मास में बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेने पहुंचे जापानी दल के सदस्य काशी में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखकर अभिभूत नजर आए। उन्होंने मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं, विशेषकर क्राउड मैनेजमेंट की भरपूर सराहना की। जापानी मेहमानों ने भव्य और दिव्य बाबा विश्वनाथ धाम की आध्यात्मिक आभा को भी निहारा। प्रतिनिधिमंडल ने काशी में आध्यात्मिक विरासत और आधुनिक विकास के समन्वय को करीब से देखा और श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की प्रशंसा की।
इससे पहले जापानी प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को भगवान बुद्ध की उपदेशस्थली सारनाथ का भ्रमण किया। इसके बाद शाम को नमो घाट पर गंगा आरती में शामिल होकर जापानी मेहमानों ने काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की अनुभूति की। रविवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के बाद जापानी दल वाराणसी से रवाना हो गया। गौरतलब है कि 200 से अधिक सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 के तहत भारत आया है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार और जापानी प्रतिनिधिमंडल के बीच निवेश एवं द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर भी हुए हैं। जापानी प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा बताता है कि बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी और भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ अब भारत-जापान के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधों को नई ऊंचाई देने का माध्यम बन रहे हैं।
यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, यामानाशी प्रांत और जापान के बीच संबंधों को लंबे समय तक और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण पहल ग्रीन हाइड्रोजन सिस्टम के माध्यम से उत्तर प्रदेश और यामानाशी प्रांत के विकास को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही हमारी इच्छा ऊर्जा सुरक्षा के माध्यम से विश्व शांति की स्थापना में भी योगदान देने की है। यामानाशी गवर्नर रविवार को जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के उपरांत मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यहां आकर आप सभी की ईश्वर के प्रति श्रद्धा और सम्मान की भावना स्पष्ट रूप से महसूस हुई। मैंने भी यहां ईश्वर से विश्व शांति के लिए प्रार्थना की है।
Updated on:
23 Aug 2026 05:17 pm
Published on:
23 Aug 2026 05:17 pm
