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Vidisha News : मानसरोवर गई मां की चीन बॉर्डर के पास मिली आखिरी लोकेशन, 4 दिनों से इंतजार कर रही बेटी

Swati Bagrecha Vidisha : एमपी की बेटी नेपाल त्रासदी में गुम, मूलत: विदिशा की स्वाती अब कनाडा में रह रहीं, परिवार परेशान
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Aug 29, 2026
ईशा ग्रुप में मानसरोवर गई थी विदिशा की स्वाती
ईशा ग्रुप में मानसरोवर गई थी विदिशा की स्वाती- फोटो सोर्स : AI Grok

Nepal Tragedy : नेपाल में आई त्रासदी के बीच विदिशा का एक परिवार अपनी बेटी स्वाती बागरेचा की सुरक्षित वापसी की आस लगाए बैठा है। वरिष्ठ चिकित्सक केसी बागरेचा की बेटी और प्रशांत बागरेचा की बहन स्वाती कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान लापता बताई जा रही हैं। स्वाती के मोबाइल पर रिंग जा रही है, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो रहा है। परिजनों के मुताबिक मोबाइल की लोकेशन चीन बॉर्डर के आसपास मिल रही है। कनाडा के नागरिकता ले चुकी स्वाती अपनी बेटी को परिजनों के पास विदिशा में छोड़कर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं। यात्रा के दौरान उनका परिवार से लगातार संपर्क बना हुआ था, लेकिन नेपाल में त्रासदी की खबरों के बाद से संपर्क टूट गया।

स्वाती से फोन पर संपर्क करने का परिवार के लोग लगातार प्रयास कर रहे हैं। फोन की घंटी तो जा रही है, लेकिन दूसरी ओर से कोई जवाब नहीं मिल रहा। स्वाती के भाई प्रशांत बागरेचा ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो से संपर्क कर नेपाल सरकार और भारत सरकार के विदेश विभाग के माध्यम से स्वाती का जल्द पता लगाने की मांग की है।

विधायक मुकेश टंडन भी बागरेचा परिवार से मिलने पहुंचे

परिवार का कहना है कि मोबाइल लोकेशन के आधार पर स्वाती की तलाश में तेजी लाई जा सकती है। परिवार की ओर से कनाडा में भी भारतीय दूतावास से संपर्क किया गया है। मामले की जानकारी मिलने पर विदिशा विधायक मुकेश टंडन भी बागरेचा परिवार से मिलने पहुंचे।

मूलत: मध्यप्रदेश के विदिशा की रहने वाली स्वाति बगरेचा अब कनाडा में

मूलत: मध्यप्रदेश के विदिशा की रहने वाली स्वाति बगरेचा अब कनाडा में रहने लगी हैं। वे कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान अचानक आई बाढ़ में लापता हो गईं। स्वाती के पिता, डॉ. केसी बगरेचा कहते हैं, " उस सुबह उन्होंने मैसेज भेजा था कि इमिग्रेशन की प्रक्रिया चल रही है और वे नेपाल पहुंचने ही वाले हैं। इसके बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। उनके ग्रुप में कुल 77 लोग थे। जब हादसा हुआ, तो सभी इमिग्रेशन हॉल के अंदर थे और तेज़ बहाव में इमारत बह गई। अभी हमें उनकी मौजूदा जगह या हालत के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सीधे फ़ोन पर बात करना मुमकिन नहीं; संपर्क सिर्फ़ टेक्स्ट मैसेज के ज़रिए हो पा रहा था। उन्होंने कनाडा से सीधे बॉम्बे और फिर वहां से सीधे काठमांडू की यात्रा की थी।"

Updated on:
29 Aug 2026 10:37 am
Published on:
29 Aug 2026 09:13 am