
नई दिल्ली। आज के समय में सिर्फ वही लड़कियां ( girls ) खूबसूरत मानी जाती हैं, जिनका फिगर और फेस अच्छा हो, लेकिन पुराने समय में लड़कियों को इस तरह की चीजों से नहीं आंका जाता था। 19वीं सदी में लड़कियों के मोटापे को खूबसूरत समझा जाता था। आपको जानकार हैरानी होगी कि ईरान (Iran ) की एक रानी देखने में बिलकुल सुंदर नहीं थी, इसके बावजूद लड़के उस पर मर-मिटते थे।
कहा जाता है कि ईरान की रानी ताज अल कजर सुल्ताना ने सुंदरता शब्द को ही अलग दिशा दे दी थी। उनके चेहरे पर घनी आईब्रो ( Ibrow) और मूंछें थीं। इसके साथ-साथ वो बहुत मोटी थीं। मगर उस जमाने में इसी तरह की लड़कियों को सुंदर समझा जाता था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रानी की ऐसी सूरत और फिगर के कई नौजवान दीवाने थे। ये उनसे विवाह करना चाहते थे। हालांकि राजकुमारी ने उन नौजवानों के प्रस्तावों को ठुकरा दिया था। कहा जाता है कि रानी की ओर से ठुकराए गए नौजवान इस बात को सहन नहीं कर पाए। इनमें से 13 ने तो खुदकुशी कर ली थी।
दरअसल, राजकुमारी ने उनके शादी के प्रस्ताव को इसलिए ठुकराया था, क्योंकि उनकी पहले से ही शादी हो चुकी थी। उनके पति का नाम अमीर हुसैन खान शोजा ए सल्तनेह था और इस शादी से उनके चार बच्चे भी थे। इनमें दो बेटियां और दो बेटे थे। हालांकि, बाद में उनका अपने पति से तलाक हो गया।
एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि राजकुमारी के कई अफेयर भी रहे। इनमें से दाे शख्स सबसे महत्वपूर्ण थे। पहला गुलाम अली खान अजीजी अल सुल्तान और दूसरा ईरानी कवि आरिफ काजविनी। ईरान की ये रानी पश्चिमी सभ्यता से प्रेरित थीं और वेस्टर्न कपड़े पहनती थीं। इसी को देखते हुए वो उस दौर की सबसे खूबसूरत और आधुनिक महिला मानी जाती थीं।