
खंडवा. किशोरदा के माता-पिता की याद में बना गौरीकुंज कला मंदिर सभागृह।
नगर निगम द्वारा गीता भवन के तौर पर गौरीकुंज के वर्तमान भवन का चयन किया गया है। इसके लिए नगर निगम ने प्रस्ताव भी बनाया है, जिसमें 2 करोड़ की लागत से इसका जीर्णोद्धार कर गीता भवन के रूप में तब्दील किया जाएगा। इस खबर के सामने आने पर किशोर प्रशंसकों में खासी नाराजगी है और सोशल मीडिया पर जता भी रहे है। इस बीच गौरीकुंज को लेकर लोक कल्याण परिषद और निगम के बीच हुआ अनुबंध भी सामने आया है। जिसकी पहली ही शर्त में स्पष्ट लिखा है कि इसका नाम (गौरीकुंज) नहीं बदला जा सकता है।
हरफनमौला कलाकार किशोर कुमार का सपना था कि उनके माता-पिता की याद में एक सांस्कृतिक भवन खंडवा में बनना चाहिए। इसके लिए वर्ष 1982 में उन्होंने खंडवा में किशोर नाइट भी आयोजित की थी, जिसकी शुद्ध बचत 2.45 लाख रुपए थी। इस रकम से गौरीकुंज भवन बनाने के लिए लोक कल्याण परिषद का गठन भी हुआ था। यूनियन क्लब द्वारा भवन के लिए नेहरू विधि महाविद्यालय के समीप क्लब से लगी 10 हजार स्क्वेयर फीट जमीन भी दी गई। वर्ष 1983 में इसका भूमिपूजन भी अशोक कुमार ने किया था। गौरीकुंज का काम आरंभ हुआ, लेकिन किशोर दा की मौत के बाद मामला अटक गया। वर्ष 1995 में निगम परिषद बनने के बाद इसके लिए फिर कवायद शुरू हुई।
निगम और परिष्ज्ञद के बीच हुआ था स्टॉम्प पर करार
गौरीकुंज निर्माण के लिए निगम आगे आया और लोक कल्याण परिषद से संपत्ति हस्तांतरण की। अधिवक्ता सुभाष चंद्र कानुनगो द्वारा पांच रुपए के स्टॉम्प पर करारनामा तैयार कराया गया। जिसमें कुल 11 शर्ते शामिल की गई। तत्कालीन नगर निगम आयुक्त गोवर्धनलाल कुमावत, लोक कल्याण परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष दुर्गाशंकर गुप्ता द्वारा इस अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। इसमें तीन प्रथम शर्तों को किसी भी कीमत पर बदले नहीं जाने की भी एक शर्त लिखी हुई है।
शर्त क्रमांक एक : सभागृह का नाम गौरीकुंज
सभागृह नीलकंठेश्वर वार्ड में मोतीलाल नेहरू विधि महाविद्यालय के पास यूनियन क्लब द्वारा प्रदत्त भूमि पर स्थित है, जिसका भू-खंड 10 हजार वर्ग फीट है। सभागृह का नाम गौरीकुंज है जो खंडवा शहर के महान सपूत पाŸव गायक स्व. किशोर कुमार की इच्छानुसार उनके माता-पिता की स्मृति में निर्मित किया गया है। किसी भी स्थिति में और किसी भी प्राधिकारी द्वारा इस सभागृह का नाम परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।
शर्त क्रमांक दो : किशोर कुमार का चित्र या स्टैच्यू लगेगा
सभागृह के निर्माण में लोक कला परिषद खंडवा का योगदान है, अत: लोक कल्याण परिषद के सहयोग से निर्मित इस आशय का बोर्ड भवन में स्थाई रूप से लगाया जाएगा। इसमें स्व. किशोर कुमार का चित्र या स्टैच्यू लगाया जा सकेगा।
शर्त क्रमांक तीन : सार्वजनिक गतिविधियों के लिए उपयोग
सभागृह का उपयोग विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, बौद्धिक, कलात्मक तथा अन्य सार्वजनिक गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा। धर्म, संप्रदाय, वर्ग, जाति, भाषा आदि के आधार पर सभागृह के उपयोग में किसी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं बरता जाएगा।
सबसे मुख्य शर्त क्रमांक 5 : शर्तों पर अतिक्रमण नहीं
सभागृह के निर्माण, उपयोग एवं व्यवस्था के लिए कार्यकारी नियम नगर निगम द्वारा समय समय पर बनाए जाएंगे। ये नियम इस एग्रीमेंट की शर्तों एवं नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप होंगे तथा उन्हीं के आधार पर सभागृह की व्यवस्था की जाएगी, उपयोग नियंत्रित किया जाएगा। किंतु ये कार्यकारी नियम शर्त क्रमांक 1, 2 एवं 3 का अतिक्रमण किसी भी स्थिति में नहीं कर सकेंगे। यदि ऐसा कार्यकारी नियम नगर निगम बनाती ह तो वह उस सीमा तक अवैध और अनियमित होने से शून्य होगा, जिस सीमा तक वह उन शर्तों का अतिक्रमण करता है।
Updated on:
02 Mar 2026 12:08 pm
Published on:
02 Mar 2026 12:08 pm
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