
खंडवा. ग्राम भगवानपुरा में बिजली कटौती के कारण अंधेरे में डूबा माता का पंडाल।
जिला मां दुर्गा की आराधना में जुटा हुआ है। नवरात्र में बिजली कटौती माता की आराधना में असुर बनकर सामने आ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिना शेड्यूल के कभी भी बिजली गुल हो रही है। ग्रामीणों का सब्र जवाब दे रहा है। जनता की परेशानी को समझते हुए अब जिले के विधायकों के सुर भी अपनी ही सरकार के खिलाफ मुखर होने लगे है।
जिले में हो रही बेतहाशा बिजली कटौती ने 30 साल पहले कांग्रेस सरकार के शासन काल की याद दिला दी है। पहले ही किसान अल्प वर्षा के कारण परेशान है, दूसरी ओर अब बिजली कटौती ने भी अन्नदाता को संकट में डाल दिया है। खरीफ की फसलों की कटाई के साथ रबी की तैयारी में जुटे किसान को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में ये हाल है कि रात के समय कब बिजली जाएगी और कब आएगी, इसका पता ही नहीं चल रहा है। नवरात्र का पर्व चल रहा है, ऐसे में ठीक आरती, गरबों के समय बिजली काटौती ने माता की आराधना में भी खलल डाल रखा है।
बुधवार को खंडवा विधायक कंचन तनवे ने विविकं अधीक्षण यंत्री दिलीप बुके से चर्चा की। अधीक्षण यंत्री ने बताया कि पॉवर जनरेटिंग कंपनी की ओर से लोड शेडिंग की जा रही है। इस मामले में विधायक तनवे ने सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। विधायक ने कहा है कि नवरात्र में चल रहे धार्मिक आयोजनों में बिजली कटौती के कारण लोग परेशान है। दूसरे रबी की फसल के लिए भी बुआई की तैयारी में बिजली कटौती के कारण बोवनी पिछड़ रही है। उन्होंने सीएम से मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही अनवाश्यक बिजली कटौती अविलंब बंद की जाए।
नवरात्रि के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय हो रही अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में उठा। पंधाना विधायक एवं प्रदेश भाजपा प्रवक्ता छाया मोरे ने प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी और जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के सामने ग्रामीणों की परेशानी रखते हुए रात में बिजली कटौती बंद कराने की मांग की। मोरे ने कहा कि नवरात्रि में माता की आरती, पूजन और परिवारों के भोजन के समय बिजली गुल होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि बिजली कटौती जरूरी है, तो दिन में अलग-अलग समय पर कटौती कर ली जाए, लेकिन रात में बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने भी बिजली कटौती को लेकर सरकार को सवालों के कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि खंडवा जिला इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर जलविद्युत परियोजना, थर्मल पावर और सौर ऊर्जा के माध्यम से लगभग 4500 मेगावाट बिजली उत्पादन से जुड़ा है। इसके बावजूद जिले के लोगों को नियमित बिजली नहीं मिल पा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में बिजली का उत्पादन होता है, तो स्थानीय नागरिकों को बार-बार कटौती का सामना क्यों करना पड़ रहा है? सरकार और संबंधित विभाग को इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या दूर नहीं हुई तो जिला स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
कम बारिश के कारण बांधों में पर्याप्त जलभराव नहीं हो पाया। थर्मल पावर प्लांटों के मेंटेनेंस के चलते बिजली उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हुई है। सरकार बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के प्रयास कर रही है।
धर्मेंद्रसिंह लोधी, प्रभारी मंत्री खंडवा
Updated on:
15 Oct 2026 11:38 am
Published on:
15 Oct 2026 11:38 am
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