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बिजली कटौती… खंडवा के ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन, आंदोलन की राह पर किसान, किया चक्काजाम

-आक्रोश में ग्रामीण, कहीं ग्रिड पर घेराव तो कहीं एसडीएम, तहसीलदार को दिया ज्ञापन -कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण और किसान, कलेक्टर से की चर्चा, बिजली देने की मांग
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खंडवा

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Manish Arora

•

Oct 13, 2026

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खंडवा. बिजली कटौती से गुस्साएं ग्रामीण रोड पर चक्काजाम करते हुए।

जिले में पिछलेे एक सप्ताह से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती का दौर अब भी जारी है। लगातार कटौती के चलते किसानों, ग्रामीणों का आक्रोश अब चरम पर पहुंच गया है और आंदोलन की राह पर आ गए है। सोमवार को पुनासा, मूंदी, बीड़ सहित हरसूद व अन्य ब्लॉक मुख्यालय पर लोगों ने बिजली कटौती को लेकर प्रदर्शन किया। रीछफल में तो किसानों ने चक्काजाम कर दिया। वहीं, पांच गांव के किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर ऋषव गुप्ता से चर्चा की।

गुस्साए ग्रामीण रोड पर बैठ गए

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती के यह हाल है कि कभी भी बिजली गुल हो रही है। दिन में बिजली कटौती तो सहन हो रही है, लेकिन रात में कटौती लोगों की बर्दाश्त से बाहर हो रही है। बिजली कटौती से ग्रामीण क्षेत्रों का आक्रोश सोमवार को सामने आया। ग्राम रीछफल में कटौती से गुस्साएं ग्रामीणों ने सोमवार रात को रीछफल रोड पर चक्काजाम कर दिया। जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह तोमर के साथ 40 से 50 ग्रामीणों ने सनावद-पुनासा रोड पर करीब दो घंटे तक बैठकर प्रदर्शन किया। जिपं सदस्य नारायण सिंह तोमर का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में ही कटौती क्यों की जा रही है। सिंचाई के लिए तो दूर घरेलू बिजली भी नहीं मिल रही है। देर रात तक विरोध प्रदर्शन जारी था।

माता की आरती में बिजली गुल, जमकर हुई नारेबाजी

ग्राम बीड़ में भी रात को बिजली कटौती से ग्रामीणों का आक्रोश सामने आ गया। सोमवार रात्रि ठीक 8 बजे, जब गांव के सभी पूजा पंडालों और शीतला माता मंदिर परिसर में मां भगवती की महाआरती का समय था, उसी दौरान मुंदी विद्युत मंडल द्वारा 1 घंटे का 'लोड शेडिंग' का मैसेज देकर बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। ऐन आरती के वक्त अचानक हुई इस बिजली कटौती से आयोजकों, ग्रामीणों और पंडाल में उपस्थित महिला, बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

लाइट दो, लाइट दो, अभी दो-अभी दो के गूंजे नारे

अचानक हुई इस कटौती से आक्रोशित युवाओं और ग्रामीणों ने मंदिर परिसर के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। "लाइट दो, लाइट दो, अभी दो-अभी दो" के नारों से पूरा बीड़ गांव गूंज उठा। ग्रामीणों का कहना था कि नवरात्रि जैसे प्रमुख धार्मिक पर्व पर विद्युत विभाग को कटौती से परहेज करना चाहिए। ग्रामीणों द्वारा जताए गए कड़े विरोध और आक्रोश के बीच करीब 1 घंटे बाद, यानी रात्रि 9 बजे विद्युत सप्लाई पुन: बहाल की जा सकी। बिजली वापस आने पर आरती संपन्न हुई।

तीन दिन में स्थिति ठीक होने का आश्वासन

सोमवार को छैगांवदेवी ग्रिड से लगे गांवों के किसानों का प्रतिनिधि मंडल कलेक्टर से मिला। किसानों ने बताया कि गांवों में बिजली की समस्या गहरी होती जा रही है। खेतों में सिंचाई के लिए 10 घंटे लगातार बिजली भी नहीं मिल रही। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने घरेलू बिजली की समस्या कंपनी लेवल से होने की बात कही। उन्होंने इस संबंध में मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी जबलपुर भी बात की। इसके बाद तीन दिन में घरेलू बिजली की व्यवस्था सुधरने का आश्वासन दिया। सिंचाई के लिए बिजली के लिए 10 दिन में नया ट्रांसफार्मर भी लगाने की बात कही। प्रतिनिधि मंडल में भगवान पटेल, रामदास पटेल, वासुदेव पाटीदार, रामचरण चौहान, बंसीलाल राठौर, दीपक तंवर शािमल थे।